मौजूदा कारोबार को अभी देंगे रफ्तार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 6:16 AM IST

बीएस बातचीत
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी के तौर पर अपना कार्यभार संभालने वाले अनीश शाह ने शैली सेठ मोहिले से खास बातचीत में कहा कि घाटे में चल रही अंतरराष्ट्रीय सहायक कंपनियों से बाहर होने की कवायद लगभग पूरी हो चुकी है। नवंबर में आनंद महिंद्रा के गैर-कार्यकारी चेयरमैन बनने के बाद शाह इस समूह के इतिहास में पहले पेशेवर एमडी एवं सीईओ होंगे। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:
नई भूमिका में आपकी पहली प्राथमिकता क्या होगी?
हम अपने प्रमुख कारोबार- वाहन, कृषि उपकरण (विशेष रूप से मशीनरी) और इलेक्ट्रिक वाहनों में नवाचार की दिशा में काम कर रहे हैं। हम वित्तीय सेवा कारोबार को भी बढ़ा रहे हैं। डिजिटल और पट्टा कारोबार के लिए एक अलग इकाई बनाने की प्रक्रिया चल रही है। दूसरा, प्रमुख कारोबार के अलावा हम अपने रत्नों (अत्यधिक क्षमता वाली इकाइयों) में बदलाव और विस्तार पर ध्यान देंगे। ये ऐसी कंपनियां हैं जिनकी आज बाजार में अच्छी मौजूदगी है। उनमें से कई लाभप्रद, नकदी सृजित करने वाली और रकम जुटाने की स्थिति में हैं। इनमें रूरल हाउसिंग फाइनैंस, ब्रिस्टलकोन, कृषि-कारोबार और कुछ अन्य कंपनियां शामिल हैं। मैं महिंद्रा हॉलिडेज, लॉजिस्टिक्स और लाइफ स्पेस को भी वृद्धि वाले रत्नों में शामिल करूंगा। यह हमारे द्वारा अब तक बताई गई बातों के अतिरिक्त है। तीसरा, हम नए जमाने के कारोबार को सदृढ़ करेंगे। इनमें महिंद्रा फस्र्ट चॉइस व्हील्स भी शामिल है जिसने हाल में कार ऐंड बाइक को खरीदा है और पुरानी कार बाजार में अच्छी स्थिति में है। फस्र्ट क्राई इसका एक उदाहरण है। फस्र्ट क्राई का हालिया मूल्यांकन 2 अरब डॉलर है। यह एक ऐसी कंपनी है जिसमें हमने अपने मॉम ऐंड मी कारोबार का विलय किया था। यह शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजित करने का एक उदाहरण है।
क्या समूह ने उन कारोबारी क्षेत्रों की पहचान की है जिसमें वह दस्तक देना चाहता है?
फिलहाल हम काफी सतर्क रुख अपना रहे हैं। हम एक या दो क्षेत्रों पर गौर कर रहे हैं लेकिन अभी हम अपने मौजूदा कारोबार को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हमारी विभिन्न उद्योगों में व्यापक मौजूदगी है। इसलिए हम किसी नए क्षेत्र में उतरने के बजाय मौजूदा कारोबार के विस्तार के लिए प्रयास करेंगे।

पूंजी आवंटन रणनीति ने अच्छी प्रगति की है लेकिन सांगयोंग से बाहर निकलने में उम्मीद से कहीं अधिक समय लग रहा है। ऐसे में आगे की राह क्या है?
पिछले अप्रैल में बोर्ड ने सांगयोंग में कोई रकम न लगाने का निर्णय लिया था और हम उस निर्णय पर अडिग रहे। एक खरीदार है जो पिछले तीन महीनों से उसमें दिलचस्पी दिखा रहा है। हम फिलहाल बातचीत कर रहे हैं।

आपने महिंद्रा हॉलिडेज ऐंड रिजॉट्र्स (एमएचआरएल) और वित्तीय सेवा कारोबार (एमएफएसएल) को रफ्तार देने के लिए क्या योजना  बनाई है?
एमएफएसएल के लिए पहली प्राथमिकता एनपीए (गैरनिष्पादित आस्तियों) में कमी लाना है। यदि आप बस अथवा वाणिज्यिक वाहन कारोाबर पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि छोटे कारोबारों के मुकाबले उन्हें कहीं अधिक झटका लगा है। हमारा मानना है कि उसमें सुधार होने के साथ ही एनपीए में भी कमी आएगी। हमें इस पर ध्यान केंद्रित करना होगा और यह लघु अवधि का मामला है। जहां तक लंबी अवधि का सवाल है तो हम एमएफएसएल के डिजिटल बदलाव पर ध्यान दे रहे हैं। वहीं हमने एक अलग इकाई बनाई है जो पर्सनल लोन, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य क्षेत्रों में कारोबार को नियंत्रित करेगी।

First Published : April 6, 2021 | 1:13 AM IST