भारत में बनी फोक्सवैगन चलाएंगे?

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 10:27 PM IST

अब महीने भर के भीतर ही यूरोप की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी फोक्सवैगन भारत में कार का उत्पादन शुरू कर देगी। इसके लिए पुणे के नजदीक चाकन में कंपनी का कारखाना तैयार हो चुका है।
 
मजे की बात है कि 1960 के दशक में कंपनी ने भारत में कारखाना लगाने की बात सिरे से खारिज कर दी थी। तब कंपनी ने कहा था कि भारत में मांग बेहद कम है और उसे सरकार से सहयोग भी नहीं मिल रहा।
इसके साथ ही फोक्सवैगन दुनिया की बड़ी वाहन निर्माताओं की कतार की शायद आखिरी कंपनी होगी जिसने भारत जैसे बड़े बाजार में अपनी पूरी उत्पादन क्षमता के साथ कदम रखा है। चाकन में बने इस नए संयंत्र में करीब 4,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
उम्मीद है कि मई से यहां स्कोडा फैबिया का उत्पादन शुरू हो जाएगा। फिलहाल संयंत्र की उत्पादन क्षमता 1.10 लाख इकाई प्रति वर्ष होगी। बाद में इसे बढ़ाकर दोगुनी करने की कंपनी की योजना है।
मंगलवार से शुरू हुआ कंपनी का यह संयंत्र ऐसे समय खुला है, जब कंपनी यूरोप में अपने खर्चे में कटौती कर रही है और कर्मचारियों की छंटनी कर रही है। हालांकि भारत के बारे में फोक्सवैगन ने वादा किया है कि धन का प्रवाह अबाधित रहेगा। ऐसा इसलिए ताकि उत्पाद के विकास, डीलर नेटवर्क सुधारने और कल-पुर्जे खरीदने में निवेश हो सके।
कंपनी का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द स्थानीय परिस्थितियों से तालमेल बिठा लिया जाए जिससे कि इसकी मुनाफे में कमी किए बगैर गुणवत्ता सुधारने में मदद मिल सके। फोक्सवैगन के प्रबंधक मंडल सदस्य जोकेम हेजमैन ने बताया कि कंपनी की सफलता के लिए जरूरी है कि इसका जितना हो सके स्थानीयकरण किया जाए। मंदी के बावजूद हम भारतीय परियोजना के लिए धन की कोई कमी नहीं होने देंगे।

First Published : March 31, 2009 | 11:12 PM IST