देश के विभिन्न शहरों में गैस वितरण (सीजीडी) की परियोजना के तहत मेरठ और सोनीपत में बोली लगाने वाली इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने शुद्ध पूंजी का बड़ा हिस्सा सुरक्षित रखने के विरुद्ध विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एप्टेल) में अपील की है। इस बीच, गेल गैस को 4 शहरों में गैस वितरण का ठेका मिल गया है।
आईजीएल ने यह अपील पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड द्वारा थोपी गई शर्त पर दायर की है। हालांकि एप्टेल ने निविदा मूल्यांकन प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई है। मामले की अगली सुनवाई 5 अप्रैल को होगी।
आईजीएल के प्रबंध निदेशक राजेश वेदव्यास ने अपील की पुष्टि की और बताया, ”शुद्ध पूंजी सुरक्षित रखने के मौजूदा प्रावधान के चलते दिल्ली की हमारी परियोजना से 400 करोड़ रुपये काट लिए गए। अब हमारी शुद्ध पूंजी महज 300 करोड़ रुपये रह गई है, जो पहले 700 करोड़ रुपये थी। इस प्रावधान के चलते अन्य शहरों में बोली लगाने की हमारी क्षमता प्रभावित हो जाएगी।”
गेल को जिन शहरों में गैस वितरण का ठेका मिला वे हैं-देवास (मध्य प्रदेश), कोटा (राजस्थान), मेरठ (उत्तर प्रदेश) और सोनीपत (हरियाणा)। वहीं भाग्यनगर गैस को काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) का ठेका मिला है।