रिटेल के लिए मुश्किल दौर, पर सुधरेंगे हालात

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 12:00 AM IST

यह दौर रिटेल कारोबार के लिए अच्छा नहीं है। आदित्य बिड़ला रिटेल के सीईओ थॉमस वर्गीज सिर्फ आठ महीने पहले जब इस कारोबार से जुड़े थे, जब रिटेल कारोबार जोरों पर था।
उन्होंने घाटे में चल रहे 70 रिटेल स्टोर बंद कर दिए। लेकिन उन्होंने कुछ स्टोर खोले भी। उन्हें यकीन है कि स्थिति फिर से सुधरेगी। हालांकि वर्गीज आंकड़ों पर ज्यादा बात नहीं करते, लेकिन उन्होंने कहा कि उनका कारोबार 1,000 करोड़ रुपये का है। शोभना सुब्रमण्यन से हुई उनकी बातचीत के प्रमुख अंश :
क्या अभी का दौर रिटेल कारोबार में बने रहने का नहीं है?
नहीं। अभी का समय काफी मुश्किल भरा है और गिरावट ने तो सबकी हालत पस्त कर दी है। इसके अलावा 10 से 15 साल से बाजार में काम कर रही कंपनियों ज्यादातर क्षेत्रीय या स्थानीय हुआ करती हैं। लेकिन सभी को मौजूदा दौर में संघर्ष करना पड़ रहा है।
अगले कुछ साल में आदित्य बिड़ला रिटेल वित्तीय मानदंडों के संदर्भ में क्या हासिल करने की उम्मीद करती है?
अगर सुपरमार्केट की बात करें, तो हम चाहते हैं कि यह बिजनेस मॉडल जहां भी हो, 20 से 24 फीसदी का लाभ देता रहे। किराये और आमदनी का अनुपात 3.5 से 4 फीसदी होना भी अपेक्षित है।
पिछले कुछ सालों में रिटेल कारोबार में आई बूम की वजह से किराये और आमदनी का अनुपात संतुलित बना रहा। लेकिन अभी का जो दौर चल रहा है, उसमें यह आशंका बनी हुई है कि किराये और आमदनी के बीच का संतुलन बिगड़ सकता है। इसकी वजह यह है कि हमारे कुल कारोबार नेटवर्क का एक बड़ा हिस्सा दक्षिण भारत में है।
हमारे कुल 640 स्टोर में से 387 तो दक्षिपण भारत में ही है। अगर हमलोग 2 से 3 फीसदी कुल लाभ (जो 20 से 24 फीसदी सकल मार्जिन के बराबर है) प्राप्त कर लेते हैं, तो यह खुशी की बात होगी। वैसे हमलोग 4 से 5 फीसदी (सकल मार्जिन 24 से 25 फीसदी) का लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं।
हमलोग 2014 तक 2200 सुपरमार्केट बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पिछले दो साल में हमलोगों ने ज्यादा हाइपर मार्केट का विस्तार नहीं किया है। हमारे पास मात्र दो हाइपर मार्केट हैं। हमलोग चाहते हैं कि कुल आमदनी का 20 फीसदी इस कारोबार खंड से आए। अभी यह 4 फीसदी है और हम उम्मीद करते हैं कि यह 12 से 15 फीसदी हो जाएगा।
इस कारोबार में अभी तक आपने कितना निवेश किया है?
इस सवाल के जवाब का अभी शायद वक्त नहीं है (हंसते हुए)। हमने त्रिनेत्र को 167 स्टोर यानी 3.68 वर्ग फुट जगह के लिए 690 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इससे हमें कुल लागत पूंजी का 25 से 30 फीसदी आमदनी की उम्मीद है। इससे भी अधिक, हमलोग आंतरिक रिटर्न दर (आईआरआर) के मुताबिक 20 से 25 फीसदी लाभ का अनुमान लगा रहे हैं। परिपक्व बाजार में आईआरआर 16 से 17 फीसदी भी हा सकता है, लेकिन भारत में इसकी अधिक रहने की संभावना है।
आपका विकास लक्ष्य क्या है?
छोटे बेस पर हमने पिछले साल 100 फीसदी से ज्यादा पाया था। अगले कुछ सालों में हम 35 से 40 फीसदी का लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं। त्रिनेत्र से 270 करोड़ रुपये की आय हुई थी।
आपको क्यों ऐसा लगता है कि आप लक्ष्य हासिल कर लेंगे?
यह सही है कि आज प्रतिस्पर्धा काफी अधिक है। लेकिन कुछ क्षेत्र ऐसे भी हैं, जहां प्रतिस्पद्र्धा नहीं है। अगर हम इन क्षेत्रों की पहचान कर अपनी रणनीति को आक्रामकता प्रदान करें, तो बेहतर किया जा सकता है।

First Published : April 11, 2009 | 4:10 PM IST