टाटा म्युचुअल फंड का अनुमान है कि सोने-चांदी की कीमतें दबाव के साथ सीमित दायरे में रह सकती हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
ईरान के साथ समझौता खत्म करने के राष्ट्रपति ट्रंप के बयान के बाद सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट तेज हो गई। बीते दो दिन से लगातार टूट रहे सोने-चांदी में बुधवार को भी बिकवाली देखने को मिली और वायदा बाजार में भाव 3 फीसदी तक फिसल गए। इस तरह बीते तीन दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में 5.5 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। बदलते ग्लोबल सेंटीमेंट और फेड की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी के अनुमान के बीच बाजार के जानकार मान रहे हैं कि शॉर्ट टर्म में सोना 1.4 लाख रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी 2 लाख रुपये प्रति किलो तक आ सकते हैं। ऐसे में यह गिरावट निवेशकों के लिए एक मौका हो सकता है।
घरेलू वायदा बाजार MCX में बुधवार (8 जुलाई) को शाम 4 बजे तक कारोबारी सेशन में सोना 1.43 लाख रुपये और चांदी 2.23 लाख रुपये तक फिसल गई। वहीं, ग्लोबल बाजार का ट्रेंड देखें तो Comex पर सोना 4,050 डॉलर पर आ गया, जबकि चांदी 59 डॉलर से नीचे लुढ़क गई ।
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कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता कहते हैं कि अमेरिका-ईरान समझौता समाप्त होने की खबर और फेड रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना फिर बढ़ गई है। ऐसे में सोने-चांदी में आगे और गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसे में निवेशकों के लिए मौका बनेगा लेकिन अभी जल्दबाजी में फैसला लेने की बजाय थोड़ा इंतजार और करना चाहिए।
केडिया एडवाइजरी के निदेशक अजय केडिया ने कहा कि निवेशक सोने में करीब 1.40 लाख रुपये और चांदी में 2.15 से 2.20 लाख रुपये के आसपास चरणबद्ध तरीके से निवेश करना शुरू कर सकते हैं। हालांकि अमेरिकी फेड की ब्याज दरों के फैसलों और दुनिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण आने वाले समय में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
टाटा म्युचुअल फंड के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर दुविधा व डॉलर की मजबूती के कारण लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोने में धीरे-धीरे निवेश करने का अच्छा अवसर हो सकता है। चांदी में निवेशकों को मध्यम से लंबी अवधि के निवेश के लिए चरणबद्ध तरीके से निवेश करने की रणनीति अपनानी चाहिए।
LKP सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी-करेंसी रिसर्च) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप समझौता समाप्त करने पर कायम रहे तो सोना घरेलू बाजार में 1.35 लाख रुपये और ग्लोबल मार्केट में 3,800 डॉलर तक लुढक सकता है, वहीं चांदी 2 लाख रुपये तक घरेलू बाजार में और ग्लोबल में 55 डॉलर तक गिर सकती है।
अनुज गुप्ता के मुताबिक घरेलू बाजार में सोने के भाव 1.40 लाख रुपये और ग्लोबल मार्केट में 4,000 डॉलर तक गिर सकते हैं। जबकि टाटा म्युचुअल फंड का अनुमान है कि सोने-चांदी की कीमतें दबाव के साथ सीमित दायरे में रह सकती हैं।