एलऐंडटी-ग्रासिम में होगी सुलह!

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 8:40 PM IST

इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन ऐंड टुब्रो (एलऐंडटी) और ग्रासिम इंडस्ट्रीज के बीच क्रॉस होल्डिंग सेल पर लंबे समय से चला आ रहा विवाद सुलझता नजर आ रहा है।
सूत्रों का कहना है कि एलऐंडटी आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज कोचार साल से लंबित लाभांश देने पर सहमति जता दी है। बंबई उच्च न्यायालय ने 12 मार्च 2009 को अपने आदेश में कहा था कि एलऐंडटी ग्रासिम को लाभांश देने को इच्छुक थी, साथ ही वह बकाया रकम पर 18 फीसदी की दर से ब्याज देने को भी राजी है।
सूत्रों का कहना है कि इससे ग्रासिम को करीब 12 करोड़ रुपये लाभांश के तौर पर मिल सकते हैं। ग्रासिम के पास एलऐंडटी के करीब 38.5 लाख शेयर हैं। सूत्रों के मुताबिक, पिछले साल के मध्य में एलऐंडटी ने कोर्ट से कहा था कि उसे ग्रासिम को दिए जाने वाले लाभांश को एस्क्रो अकाउंट में जमा करने की अनुमति दी जाए।
कोर्ट से एलऐंडटी ने यह भी कहा था कि पहले किए गए समझौते के तहत ग्रासिम के पास यह अधिकार नहीं है कि वह कंपनी के शेयरों को रोके रखे। लेकिन ग्रासिम ने इस समझौते पर कभी अमल नहीं किया। एलऐंडटी का पक्ष सुनने और लाभांश देने पर सहमत होने के बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों से कहा कि जब तक कोई फैसला नहीं हो जाता, तब तक इस मामले पर यथास्थिति बनाए रखें।
गौरतलब है कि लाभांश का मामला एलऐंडटी और ग्रासिम के बीच हाल के सालों में शुरू हुआ था। दोनों के बीच ग्रासिम के 0.66 फीसदी हिस्सेदारी, जो एलऐंडटी के पास है, उस लेकर है। वैसे, आदित्य बिड़ला समूह की एक अन्य कंपनी अल्ट्राटेक के पास भी एलऐंडटी की 11.49 फीसदी हिस्सेदारी है।
उल्लेखनीय है कि अल्ट्रटेक पहले एलऐंडटी का ही हिस्सा थी, जिससे वर्ष 2005 में हुए समझौते के तहत दिसंबर 2009 तक एलऐंडटी को बाहर निकलना है। दोनों कंपनियों के बीच विवाद 2001 में उस समय शुरू हुआ, जब ग्रासिम ने रिलायंस इंडस्ट्रीज से एलऐंडटी के 10.45 फीसदी शेयर खरीद लिए। इसके बाद कंपनी ने बाजार से एलऐंडटी की 15 फीसदी हिस्सेदारी और खरीद ली।
दोनों कंपनियों के बीच सुलह में चार्टर्ड अकाउंट एस. गुरुमूर्ति मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। समझौते के तहत एलऐंडटी अल्ट्रटेक की बहुलांश हिस्सेदारी ग्रासिम को बेचेगी, जबकि 11.49 फीसदी शेयर अपने पास रखेगी। वहीं ग्रासिम एलऐंडटी को 14.95 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। इससे पहले एलऐंडटी का कहना था कि ग्रासिम को इम्पॉलाइज ट्रस्ट में शेयर बेचना चाहिए, जिसकी कीमत समझौते के तहत ही होनी चाहिए।
लेकिन ग्रासिम का कहना है कि इस तरह का कोई समझौता नहीं हुआ है और वह बाजार मूल्य पर ही एलऐंडटी के शेयर बेचेगी। ऐसे में एलऐंडटी और इम्पॉलाइज ट्रस्ट ग्रासिम पर क्षतिपूर्ति के लिए 441 करोड़ रुपये देने के लिए कोर्ट पहुंच गई। ग्रासिम के सीएफओ डीडी राठी का कहना है कि कंपनी के पास एलऐंडटी के शेयर बढ़कर करीब 38.5 लाख हो गए हैं। हालांकि उन्होंने बताया कि समझौते की बात केवल अफवाह है।

First Published : March 20, 2009 | 12:57 PM IST