मंदी का असर सरकारी खजाने पर भी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 8:04 PM IST

मंदी को मात देने के लिए सरकार की ओर से घोषित राहत पैकेज के बाद राजस्व विभाग ने चालू वित्त वर्ष के लिए केद्रीय उत्पाद शुल्क और सेवा शुल्क वसूली का लक्ष्य संशोधित कर 12 फीसदी कर दिया है।
विभाग को उम्मीद है कि सरकार को चालू वित्त वर्ष में इस मद में करीब 2,80,000 करोड़ रुपये प्राप्त होगा। सीबीईसी के सदस्य वी. श्रीधर ने बताया कि राहत पैकेज के तहत उत्पाद शुल्क और सेवा शुल्क में कटौती जैसे कदम उठाए गए हैं। इससे राजस्व पर असर पड़ना लाजिमी है।
दरअसल, सरकार ने बाजार में मांग पैदा करने के लिए शुल्कों में कटौती की घोषणा की है। इसका असर वाहन उद्योग पर पड़ता दिखाई दे रहा है और फरवरी  में वाहनों की बिक्री में इजाफा हुआ है।
उन्होंने बताया कि पिछले दो माह के दौरान आयात में भी गिरावट का रुख रहा है। जनवरी में आयात में जहां 18 फीसदी की गिरावट आई, वहीं फरवरी में 16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
इसीलिए विभाग ने राजस्व वसूली के लक्ष्य में संशोधन किया है। विभाग को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2009-10 में उत्पाद और सीमा शुल्क में 2 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।

First Published : March 14, 2009 | 2:04 PM IST