खानपान का सामान और राशन, सब्जी यानी ग्रॉसरी बेचने वाली रिटेल शृंखला सुभिक्षा ट्रेडिंग सर्विसेज ने अपने कम से कम 10 फीसदी स्टोरों को पुनर्स्थापित करने की योजना बनाई है।
कंपनी ने मांग में कमी और मार्जिन पर पड़ रहे अधिक किराए के बोझ को देखते हुए यह फैसला किया है।
कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वह देश में आर्थिक मंदी के कारण अपनी विस्तार योजनाओं पर भी फिलहाल धीमी गति से चल रही है। कंपनी मौजूदा तिमाही के लिए अपनी विस्तार योजना में 10-12 फीसदी की कटौती कर सकती है।
सुभिक्षा के अध्यक्ष मोहित खट्टर ने कहा, ‘मौजूदा मंदी से हरेक कंपनी प्रभावित हुई है। लेकिन इसका यह मतलब भी नहीं है कि हमने अपने सभी स्टोर बंद कर दिए हैं। इस तिमाही के दौरान हम विस्तार योजना पर धीमी गति से बढ़ रहे हैं, लेकिन अगली तिमाही हमारे विस्तार के लिहाज से सामान्य रहेगी।’
चेन्नई की कंपनी सुभिक्षा के पूरे देश में फिलहाल 1650 स्टोर हैं और उसने 2010 के अंत तक 3000 स्टोर खोलने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा, ‘मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों, जहां संपत्ति की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, में हमने अपने ज्यादातर स्टोर पुनर्स्थापित किए हैं। हम जनवरी तक अपने सभी स्टोर पुन: खोल देंगे।’
सुभिक्षा मुंबई में लगभग 115 स्टोर और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 200 स्टोर चलाती है। जब उनसे एफएमसीजी कंपनियों की ओर से सुभिक्षा को आपूर्ति बंद कर दिए जाने की खबर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसका खंडन करते हुए कहा, ‘हमने एसएपी व्यवस्था के क्रियान्वयन को लेकर जान-बूझ कर कर आपूर्ति कम कर दी थी। जनवरी तक सब कुछ ठीक-ठाक हो जाएगा।’
मौजूदा समय में संपत्ति किराए में और अधिक गिरावट की संभावना को भांप कर कंपनी अपनी कंज्यूमर डयूरेबल रिटेलिंग योजना को पहले ही 6 महीने के लिए टाल चुकी है। डयूरेबल्स उद्यम जनवरी में शुरू किया जाना था, लेकिन अब इसके मई-जून में शुरू किए जाने की संभावना है।
सुभिक्षा के प्रबंध निदेशक आर. सुब्रमण्यम ने बिजनेस स्टैंडर्ड को हाल ही में बताया था, ‘हमें किराए में 35-40 फीसदी की गिरावट आने की उम्मीद है। इसका मतलब हुआ कि आपको अपने किराया खर्च में 20 से 30 फीसदी की बचत करने के लिए कुछ और समय तक इंतजार करना चाहिए।’
कंपनी ने एनसीआर और मुंबई जैसे कुछ शहरों में घाटे में चल रहे कारोबार की वजह से सब्जियों और फलों की बिक्री पहले ही बंद कर दी है। सुब्रमण्यम ने इस साल के शुरू में घोषणा की थी कि कंपनी रिटेल और ग्रॉसरी फॉर्मेट की विस्तार योजनाओं पर तकरीबन 1200 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।