…ताकि अब न हो सरकार की किरकिरी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 8:01 PM IST

दूरसंचार नियामक ट्राई ने हाल की घटनाओं से सबक लेते हुए नए एकीकृत दूरसंचार सेवा (यूएएस) लाइसेंस के लिए कंपनियों पर तीन साल तक शेयर बेचने से रोक लगाने (लॉक-इन) की सिफारिश की है।
इसका मकसद यह है कि कोई केवल हिस्सेदारी बेचकर रातो-रात मुनाफा कमाने के उद्देश्य से लाइसेंस हासिल करने के लिए आवेदन न करे। हाल में दो दूरसंचार कंपनियों- स्वान और यूनिटेक ने कारोबार शुरू करने से पहले ही आपनी हिस्सेदारी बेच कर मोटी कमाई की थी। इस पर सरकार की काफी आलोचना हुई थी।
ट्राई ने कहा कि प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य गलत तरीके से लाभ कमाने पर रोक लगाना है, जो लाइसेंस हासिल कर के प्रवर्तकों की हिस्सेदारी बेचने से हो सकती है।
बयान के अनुसार उन प्रमोटरों की इक्विटी शेयर पूंजी पर लाइसेंस जारी किए जाने की तारीख से तीन साल की अवधि के लिए रोक होनी चाहिए, जिन्हें यूएएस लाइसेंस प्रदान करने के लिए योग्यता निर्धारण के लिए उनकी निवल पूंजी को ध्यान में रखा गया है।
नए लाइसेंशधारक द्वारा लॉक इन अवधि में सार्वजनिक इश्यू के जरिए अतिरिक्त शेयर जारी करने के मुद्दे पर ट्राई ने कहा कि लाइसेंस प्राप्त करने वाली कंपनियां सांविधिक प्रावधानों के तहत ऐसा कर सकती हैं, पर ऐसी स्थिति में भी कंपनी में प्रर्वतकों की हिस्सेदारी 10 फीसदी से कम नहीं होनी चाहिए। 
ट्राई ने लाइसेंस प्रदाता से पूर्व मंजूरी लेकर प्रवर्तकों को लॉक इन अवधि में भी इक्विटी शेयर बेचने की इजाजत दी है।
ट्राई की सधी चाल
तीन साल तक यूएएस लाइसेंस पाने वाली कंपनियां नहीं बेच सकेंगी हिस्सेदारी
स्पेक्ट्रम आवंटन मसले से ट्राई ने लिया सबक

First Published : March 13, 2009 | 12:05 AM IST