लघु एवं मझोली कंपनियां कर रहीं लागत में कमी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 12:02 AM IST

आर्थिक मंदी ने बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों को प्रभावित किया है। ये आईटी कंपनियां अपने खर्च और लोगों को नौकरी देने की अपनी योजनाओं में संशोधन कर रही हैं।
हालांकि लघु एवं मझोली आईटी कंपनियों को सस्ती कीमत पर अपने संचालन की बदौलत चालू वित्त वर्ष और इसके बाद भी मुनाफे में बने रहने की उम्मीद है। वैश्विक एसएमई पर ध्यान केंद्रित करते हुए एएमआई पार्टनर्स द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में यह खुलासा किया गया है कि लगभग 50 फीसदी एसएमई यात्रा और ऑफिस स्टेशनरी खर्च में कटौती कर रहे हैं या इसकी योजना बना रहे हैं।
लगभग 40 फीसदी छोटे उद्यमी प्रक्रियाओं को आसान एवं कुशल बनाए जाने के लिए प्रौद्योगिकी का सहारा लेना चाहते हैं। छोटे उद्यमी संचालन की लागत में कटौती के लिए कस्टमर रिलेशन मैनेजमेंट (सीआरएम) सॉल्युशन जैसी प्रौद्योगिकियों को अपना रहे हैं। सर्वेक्षण में शामिल 60 फीसदी उद्यमियों का कहना था कि वे कर्मचारी उत्पादकता में सुधार लाने के लिए प्रशिक्षण और प्रक्रियाओं में निवेश करेंगे।
सर्वेक्षण में शामिल 90 फीसदी से अधिक एसएमई ने कहा कि वे उपहारों, प्रोत्साहनों, मूल्य निर्धारण रणनीतियों पर पुन: काम कर, आसान भुगतान शर्तों की पेशकश आदि के जरिये ग्राहकों को बांधे रखने की कोशिश करेंगे। 60 फीसदी एसएमई ने पुन: बताया कि मौजूदा स्थिति और बिगड़ेगी।
वहीं बाकी ने मौजूदा स्थिति इसी तरह बने रहने की उम्मीद जताई या फिर इसे लेकर अनिश्चितता जाहिर की। सर्वेक्षण में यह कहा गया है कि एसएमई 2008 और 2012 के बीच लगभग 15 फीसदी की दर से विकास करेंगे जो एएमआई द्वारा शुरू में लगाए गए 20 फीसदी के अनुमान से कम है।
लघु एवं मझोली कंपनियों ने आगामी संभावनाओं को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया जाहिर की है। ईरेवमैक्स टेक्नोलॉजीज के एचआर प्रमुख जगत एम सरकार कहते हैं, ‘चूंकि ईरेवमैक्स उत्पाद कंपनी है, इसलिए हम मौजूदा मंदी से ज्यादा प्रभावित नहीं हुए हैं। लोगों को नौकरी पर रखे जाने संबंधी हमारी रणनीति यथावत बनी हुई है। वेतन बढ़ोतरी का हमारा ढांचा प्रदर्शन-आधारित है जिसे कर्मचारियों के मूल्यांकन के लिए हम एक तार्किक और व्यावहारिक रास्ता मानते हैं।’
ईरेवमैक्स के सीआईओ उदय सिंह सोलंकी कहते हैं, ‘हमने कस्टमर सर्विस को एक प्रमुख तत्व के रूप में पहचान दी है जिससे मंदी के दौरान कंपनी को जोखिम से बचने में मदद मिल सकती है। हम ग्राहक सेवा से संबंधित आईटी प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और सीआरएम, अंदरूनी प्रणालियों और प्रक्रियाओं में और अधिक दक्षता लाने के लिए अन्य आईटी प्रणालियों और लागत घटाने के लिए सॉल्युशन जैसी सुधार प्रक्रियाओं पर ध्यान दे रहे हैं।’
आईविज के उपाध्यक्ष एवं प्रमुख (उत्पाद एवं विपणन) बाला गिरीसैबाला के मुताबिक मंदी ने हमारे कारोबार को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। हम खर्च को काफी हद तक कम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा ग्राहक जुड़ाव बरकरार है, लेकिन कुछ परियोजनाओं के आकार में परिवर्तन किया गया है और कुछ को स्थगित भी किया गया है। सुरक्षा संवेदी क्षेत्रों में हम सुरक्षा खर्च को बरकरार रखे हुए हैं।
वे कहते हैं, ‘आईविज में लागत को तर्कसंगत बनाया गया है। निवेश किया जा रहा है, लेकिन प्राथमिकता रणनीतिक पहलों और उन गतिविधियों को दी जा रही है जो सीधे तौर पर राजस्व बढ़ोत्तरी से जुड़ी हुई हैं। लागत में कटौती की बात करें तो हमने इसमें 20 फीसदी तक की कमी की है।
राजस्व के लिहाज से हम वित्तीय सेवाओं, मीडिया और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’ इस साल आईविज के कर्मचारियों की संख्या 20 से बढ़ कर अब तक 38 हो गई है। पिछले साल इसने 12 लोगों को जोड़ा था।
एएमआई का मानना है कि अगली कुछ तिमाहियों में एसएमई के विकास अनुमानों में और संशोधन किया जा सकता है। बड़ी तादाद में भारतीय एसएमई आईटी को अपनाने की प्रक्रिया के शुरुआती चरण से गुजर रहे हैं। भारत में लगभग 25 लाख एसएमई ऐसे हैं जिनके पास अपने पर्सनल कम्प्यूटर नहीं हैं या वे कम्प्यूटर इस्तेमाल से दूर हैं।

First Published : April 11, 2009 | 5:40 PM IST