एमआरटीपीसी में कर्मचारियों का टोटा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 12:00 AM IST

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के एक बार शुरू हो जाने के बाद एकाधिकार एवं प्रतिबंधात्मक व्यापार व्यवहार आयोग (एमआरटीपीसी) को भंग कर दिया जाएगा।
सरकार मौजूदा संसाधन के बलबूते ही सारा कामकाज चलाने की फिराक में है। फिलहाल एमआरटीपीसी में कर्मचारियों की भारी कमी है। इन रिक्तियों को भरने के लिए सरकार की तरफ से कोई कोशिश भी नहीं की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक जब से सीसीआई का नोटिफिकेशन जारी किया गया है, तब से यह माना जा रहा है कि एमआरटीपीसी को मौजूदा मामले सुलझाने के लिए दो साल का वक्त मिल जाएगा। इसके अलावा सीसीआई द्वारा काम शुरू करने के बावजूद एमआरटीपीसी ताजे मामले अभी भी ले रही है। इसलिए इस काम के निपटारे के लिए उसे कर्मचारियों की सख्त जरूरत है।
अभी जहां एमआरटीपीसी में 20 अधिकारियों की जरूरत है, वहां मात्र 6 अधिकारी कार्यरत हैं। एमआरटीपीसी के एक अधिकारी ने कहा कि हमारे यहां कर्मचारियों की भारी कमी है।

First Published : April 11, 2009 | 4:14 PM IST