सीरम ने फिर कानूनी कार्रवाई से मांगी सुरक्षा

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 4:03 AM IST

पुणे की टीका विनिर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने भारत सरकार से अपने कोविड-19 टीकों के इस्तेमाल से संबंधित दावों में कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा मांगी है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। कंपनी भारत में स्पूतनिक वी टीके के विनिर्माण के लिए भी रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) से बातचीत कर रही है। 
एसआईआई के सूत्रों ने कहा कि कंपनी उम्मीद कर रही थी कि अगर विदेशी टीका विनिर्माता कंपनियों को कानूनी सुरक्षा दी जाती है तो यह सभी के लिए होगी। एसआईआई ने एस्ट्राजेनेका के टीके कोविशील्ड को भारत में पेश करने से पहले कानूनी सुरक्षा मांगी थी। 
उस समय एसआईआई के मुख्य कार्याधिकारी अदार पूनावाला ने संकेत दिया था कि कानूनी सुरक्षा यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि टीकाकरण अभियान आसानी से पूरा हो जाए। पूनावाला ने जनवरी में बिज़नेस स्टैंडर्ड के साथ साक्षात्कार में कहा था कि महामारी के दौर में कानूनी सुरक्षा के प्रावधान से यह सुनिश्चित होगा कि अगर अदालत की तरफ से रोक लगाई जाए तो टीकाकरण अभियान नहीं रुके। 
इस समय एसआईआई भारत में कोविशील्ड नाम का एस्ट्राजेनेका का टीका बेच रही है। यह नोवावैक्स कोविड 19 टीके की भी विनिर्माता है और इसे भारतीय बाजार में उतारेगी। इसके अलावा कंपनी कोविड-19 के दो और टीकों स्पाई बायोटेक और कोडाजेनिक्स पर काम कर रही है। हालांकि जब देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू किया गया तो एसआईआई और भारत बायोटेक को कोई कानूनी सुरक्षा नहीं दी गई। कानूनी जानकारों ने उस समय कहा था कि सरकार ने टीकाकरण अभियान को स्वैच्छिक बनाकर ‘मौन सहमति’ की अवधारणा बना दी है यानी व्यक्ति टीके के जोखिम और लाभों को समझता है। हालांकि फाइजर, मॉडर्ना जैसी विदेशी टीका विनिर्माताओं के कानूनी सुरक्षा पर जोर देने के बाद अब सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है। 

First Published : June 3, 2021 | 11:08 PM IST