बीएस बातचीत
जीरोधा ने देश में टेक यूनिकॉर्न में खास पहचान बनाई है। वित्त वर्ष 2021 में भी कंपनी का शुद्घ लाभ 2.6 गुना बढ़कर 1,122 करोड़ रुपये हो गया, जबकि राजस्व तीन गुना बढ़कर 2,728 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी के संस्थापक एवं मुख्य कार्याधिकारी नितिन कामत ने दीपशेखर चौधरी के साथ बातचीत में कंपनी की आगामी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश:
यदि बीते समय को देखें तो वह कौन सा कारक था जिससे आपको 1,000 करोड़ रुपये लाभ के आंकड़े को पार करने में मदद मिली, जल्द ऑनलाइन व्यवसाय में प्रवेश करना, सही व्यवसाय या अच्छी तकनीक?
मैं कहना चाहूंगा कि इन सभी का योगदान रहा। लेकिन बेहद महत्वपूर्ण यह है कि यदि हम अपने प्रतिस्पर्धियों की तरह ग्राहक जोडऩे में लगे रहते तो लाभकारी व्यवसाय हासिल नहीं कर पाते।
क्या वित्त वर्ष 2021 के राजस्व में तीन गुना तेजी की रफ्तार वित्त वर्ष 2022 में भी बनी रहेगी?
चूंकि किसी अन्य व्यवसाय के मामले में, मेरा मानना है कि 20 प्रतिशत उपयोगकर्ता खाते हमारे लिए करीब 80 प्रतिशत राजस्व से जुड़े हुए हैं। हम तब कमाई करते हैं जब सक्रिय कारोबारी अस्थिर बाजार में ज्यादा सौदे करते हैं। हम वित्त वर्ष 2022 में शायद सिर्फ 25-50 प्रतिशत वृद्घि करेंगे, क्योंकि इसकी कई वजह हैं- बाजार वित्त वर्ष 2021 में काफी अस्थिर रहा, नए उपयोगकर्ताओं की संख्या में तेजी पिछले साल में सपाट बनी रही, और हम अब बड़ा व्यवसाय हैं। बाजार धारणा कमजोर होने से यह बदलाव भी आ सकता है कि वित्त वर्ष 2023 में हम धीमी गति से वृद्घि दर्ज करेंगे। यह ऐसा है जिसके बारे में मैं हमेशा कहता रहा हूं- हम अपने व्यवसाय यानी बाजार के प्रदर्शन में बड़े बदलाव पर नियंत्रण नहीं कर सकते।
आपने पिछले समय में उद्यम पूंजी निवेशकों से दूरी बनाई है। क्या आप यह नहीं मानते कि वित्त पोषण से आपको तेजी से बढऩे में मदद मिल सकेगी?
वर्ष 2014-15 से, हर साल निवेशकों द्वारा पेश चेक आकार बढ़ा है। लेकिन कारण यह है कि कुछ ही लाभकारी टेक स्टार्टअप है जो हमेशा से न सिर्फ अपनी मुख्य पेशकशों बल्कि समानांतर व्यवसायों में भी आगे बढऩे के लिए प्रयासरत रहे हैं, जिसमें बड़ी पूंजी की जरूरत होती है। पिछले साल, हमें भी ब्लैंक चेक की निवेश की पेशकश की गई थी। जहां यह कमाई करने के लिहाज से आकर्षक है, वहीं आपको एक खास तरह से व्यवसाय खड़ा करना होगा। हमने कभी कोई राजस्व या वृद्घि लक्ष्य नहीं रखा, जिसे हम बाहरी फंडिंग के जरिये पूरा करने पर जोर दे सकें।
अगले 5 या 10 वर्षों में जीरोधा के लिए आपने क्या योजनाएं तैयार की हैं?
अब तक, समस्याएं सुलझाई गई हैं जिससे शेयर खरीदने या बेचने के लिए लोगों को एक अच्छा प्लेटफॉर्म मिल रहा है और निवेशकों को इसके बारे में जानकारी भी हासिल हो रही है। लेकिन यह पूरी समस्या के समाधान का महज एक छोटा सा हिस्सा है। हम अभी भी लोगों को उनकी पूंजी के निवेश को लेकर प्रयासरत बने हुए हैं।
क्या आपने बाय नाउ, पे लेटर या अन्य ऋण उत्पाद मुहैया कराने की कोई योजना बनाई है, जैसा कि कई अन्य फिनटेक कंपनियां कर रही हैं?
मुख्य तौर पर, हमारी टीम लोगों को उधारी देने में ज्यादा भरोसा नहीं रखती, जिससे कि वे ऐसी खरीदारी भी कर सकें जिसकी उन्हें जरूरत ही न हो। हालांकि यह पूंजीवादी दुनिया में अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन स्वयं व्यक्तिगत तौर पर ज्यादा अच्छा नहीं है। हर कोई बैंक की सुविधा हासिल करना चाहता है, क्योंकि सस्ती जमाओं की वजह से वह उधारी का इस्तेमाल कर सकता है।