ग्राहकों को लुभा रही रियल्टी कंपनियां

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 10:44 PM IST

रियल एस्टेट सेक्टर में मंद हो चुकी मांग तेज करने के लिए कंपनियां अब हर संभव कोशिश कर रही हैं।
कंपनियां उन उपभोक्ताओं के लिए, जो करार की अवधि पूरा होने के बाद किराए पर लिया अपार्टमेंट खरीदने के इच्छुक हैं, आकर्षक ऑफर लेकर आई हैं। इस योजना के तहत चुकाए गए किराए को एकमुश्त मान लिया जाएगा।
कीमतों में कटौती और किस्तों में भुगतान जैसी सविधाएं देने के बाद रियल्टी कंपनियों की इस पेशकश को आकर्षक बताया जा रहा है। हाल ही में देश की सबसे बड़ी रियल्टी कंपनी डीएलएफ ने खरीदारों को बताया कि गुड़गांव की उसकी परियोजनाओं की कीमत 20 फीसदी घटा दी गई है।
नई योजना के मुताबिक, मूल कीमत पर ग्राहकों को 5 फीसदी की छूट मिलेगी। शेष 10 फीसदी की छूट समय पर भुगतान करने वाले ग्राहकों को मिलेगी। यदि परियोजना के निर्माण में विलंब हुआ तो प्रति वर्ग फुट 5 रुपये की भुगतान की बजाय कंपनी 10 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से भुगतान करेगी। उम्मीद है कि डीलएलएफ यह योजना दूसरे शहरों में भी लागू करेगी।
इसके अलावा, गुड़गांव की ‘एक्सप्रेस ग्रीन्स’ परियोजना के खरीदारों को भी यह सुविधा मिलेगी। बताया जा रहा है कि एक अन्य रियल्टी फर्म ओमैक्स भी ग्रेटर नोएडा में इसी तरह की एक योजना पेश करने जा रही है।
दूसरी ओर पुणे में 300 सदस्यों वाली प्रमोटर्स ऐंड बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ पुणे की योजना के मुताबिक, यदि किसी खरीदार ने अपनी नौकरी गंवा दी है तो उसकी तीन ईएमआई का भुगतान संस्था के सदस्यों की ओर से किया जाएगा। उम्मीद है कि इस योजना से उन 700 लोगों को मदद मिलेगी, जिन्होंने मंदी के चलते अपनी नौकरी गंवा दी है।
गोयल गंगा समूह के प्रबंध निदेशक अतुल गोयल ने बताया, ”हम चाहते हैं कि हमारे उपभोक्ता बढ़िया नौकरी पाएं। किस्त को लेकर उन्हें ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है।” एक अन्य डेवलपर मोंट वर्ट भी एक बहुत आकर्षक प्रस्ताव के साथ मैदान में उतरी है।
यदि उसके अपार्टमेंट में किराए पर रह रहा कोई परिवार करार पूरा होने के बाद उस अपार्टमेंट को खरीदना चाहता है, तो चुकाए गए सारे किराए को उस अपार्टमेंट की खरीद का एकमुश्त भुगतान मान लिया जाएगा। इसे उस अपार्टमेंट की असल कीमत से घटा दिया जाएगा।
हालांकि मुंबई में कॉस्मोस समूह के ‘एक के साथ दूसरा मुफ्त’ जैसे ऑफर के बाद दूसरा कोई लुभावना प्रस्ताव पेश नहीं हुआ है। जानकारों के मुताबिक, रियल्टी कंपनियां उन संभावित खरीदारों में विश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्होंने मंदी या नौकरी जाने के भय से घर खरीदने की अपनी योजना टाल दी है।
अंतरराष्ट्रीय प्रॉपर्टी सलाहकार कंपनी कुशमैन वेकफील्ड में दक्षिण एशिया क्षेत्र के कार्यकारी प्रबंध निदेशक संजय वर्मा ने बताया, ”मौजूदा माहौल में ग्राहकों का विश्वास जीतने और उसे अपनी ओर आकर्षि करने की जरूरत है। आमदनी में कटौती से ज्यादा ग्राहकों के विश्वास में कमी हुई है। उन्हें इस बारे में भी आश्वस्त करने की जरूरत है कि प्रस्तावित परियोजना तय समय पर पूरी हो जाएगी।”

First Published : April 2, 2009 | 10:07 PM IST