‘अगले साल तक जारी रहे प्रोत्साहन’

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 10:35 PM IST

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जी-20 की बैठक में पूरी दुनिया से आग्रह किया कि अगले साल तक प्रोत्साहन पैकेज जारी रखे।
उन्होंने वित्त सहित तमाम किस्म के संरक्षणवाद से बचने की बात कही, ताकि वैश्विक आर्थिक मंदी का कड़ा मुकाबला किया जा सके।
भारत के राजकोषीय प्रोत्साहन के बारे में मनमोहन सिंह ने फाइनैंशियल टाइम्स को दिए साक्षात्कार में कहा, ”मैंने आईएमएफ के प्रबंध निदेशक का एक पत्र देखा है, जिसमें कहा गया है कि 2009 में जितने प्रोत्साहन पैकेज की योजना बनाई गई, वह वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 2 फीसदी है।”
उन्होंने कहा कि यह पर्याप्त है, हालांकि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि 2010 तक ये प्रोत्साहन जारी रहें। सिंह ने कहा कि संरक्षणवाद से न सिर्फ उत्पादों के क्षेत्र में बल्कि सेवा क्षेत्र में भी बचना होगा। वित्तीय संरक्षणवाद भी बुरा है, इससे बचना चाहिए। इस दिशा में कुछ देशो ने कार्रवाई की है।
प्रधानमंत्री ने कहा विकासशील देशों से पूंजी निकासी चिंताजनक है। उनके मुताबिक, भारत का राजकोषीय प्रोत्साहन फिलहाल काफी है। मुद्रास्फीति में गिरावट के साथ जरूरत पड़ने पर मौद्रिक नीतियों में भी फेरबदल किया जाएगा। उन्होंने कहा, हमारी वृध्दि दर पर असर हुई है।
2007-08 तक हमारी वृध्दि दर 9 फीसदी थी। उसके बाद वृध्दि दर घटकर 7 फीसदी या इससे भी कम रह सकती है। हमारा राजकोषीय घाटा काफी बढ़ा है। हमने जान-बूझ कर इसे बढ़ने दिया ताकि निर्यात और अंतरराष्ट्रीय पूंजी में कमी की भरपाई हो सके।

First Published : April 1, 2009 | 10:30 PM IST