पश्चिम बंगाल के नयाचार प्रायद्वीपीय इलाके में पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्र (पीसीपीआईआर) विकसित करने की सरकार की योजना के चलते राज्य में एक बार फिर तनाव पैदा हो गया है।
दरअसल पीसीपीआईआर के लिए 250 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की जरूरत है, लेकिन नयाचार प्रायद्वीप का क्षेत्रफल महज 40 वर्ग किमी है। ऐसे में सरकार का प्रस्ताव हल्दिया और नंदीग्राम के इलाकों को भी परियोजना में शामिल करने का है।
इसमें 61 वर्ग किमी में फैला हल्दिया का रसायन और इससे संबंधित संयंत्र भी शामिल है। इसमें नंदीग्राम का इलाका भी शामिल है। परिणामस्वरूप, हल्दिया और नंदीग्राम के नागरिकों में जमीन अधिग्रहण की आशंका के चलते एक बार गुस्सा देखा जा रहा है।
राज्य सरकार ने इस परियोजना को विकसित करने का दायित्व इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और कैल्क रिफाइनरी लिमिटेड को सौंपा है। सत्ताधारी माकपा समर्थित स्थानीय समितियां और विपक्षी तृणमूल कांग्रेस समर्थित नंदीग्राम समूह मामले को लेकर एक-दूसरे के आमने-सामने आ चुके हैं।
आशंका जताई जा रही है कि पीसीपीआईआर को लेकर राज्य में एक बार फिर सरकार और नागरिकों के बीच मोर्चा खुल जाएगा।