ऑनलाइन दवा क्षेत्र की यूनिकॉर्न फार्मईजी ने मेडलाइफ का अधिग्रहण कर लिया है। सौदे की रकम का खुलासा तो नहीं किया गया है मगर देसी ऑनलाइन दवा क्षेत्र में विलय-अधिग्रहण का यह सबसे बड़ा सौदा है।
फार्मईजी ने बताया कि सौदे की शर्तों के मुताबिक मेडलाइफ काम करना फौरन बंद कर देगी और उसके ग्राहक फार्मईजी के ग्राहक बन जाएंगे। विलय के बाद कंपनी हर महीने करीब 20 लाख ग्राहकों को सेवाएं देगी।
फार्र्र्मईजी के सह-संस्थापक धवल शाह ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट में कहा, ‘इस अधिग्रहण से स्वास्थ्य सेवा उद्योग में हमारी स्थिति और भी मजबूत हो जाएगी तथा हमें ज्यादा से ज्यादा भारतीय परिवारों को अच्छी स्वास्थ्य प्रदान करने में मदद मिलेगी। आगे चलकर लोगों को और भी बेहतर सेवाएं देने का हमारा लक्ष्य है।’
उन्होंने कहा, ‘मेडलाइफ के ग्राहकों को अपना मेडलाइफ अकाउंट इस्तेमाल करने के लिए उसी फोन नंबर से फार्मईजी ऐप पर लॉगइन करना होगा। फार्र्र्मईजी ऐप पर लॉग इन करना होगा। उनके अकाउंट में पिछले एक साल में सेव किए गए डॉक्टरों के पर्चे और पते फार्मईजी के ऐप पर मिलेंगे।’ फार्मईजी मेडलाइफ के ग्राहकों के साथ खुदरा साझेदारों जैसे दुकानदारों को भी अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ेगी। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने पहले खबर दी थी कि इस सौदे में मेडलाइफ के शेयरधारकों के हिस्से की कीमत करीब 20 से 25 करोड़ डॉलर है। पिछले महीने फार्मईजी यूनिकॉर्न समूह में शामिल होने वाली देश की पहली ई-फार्मेसी कंपनी बनी थी। उस समय इसने 1.5 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर एपीआई होल्डिंग्स, प्रोसस वेंचर्स और टीपीजी ग्रोथ से 32.3 करोड़ डॉलर जुटाए थे।
रेडसीर के मुताबिक भारत के ई-स्वास्थ्य क्षेत्र का आकार मौजूदा 1.2 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 तक 16 अरब डॉलर होने के आसार हैं। हाल में निवेशकों ने इस क्षेत्र में तगड़ी दिलचस्पी दिखाई है और टाटा, एमेजॉन तथा रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनियां भी इसमें उतर रही हैं। इस क्षेत्र के ग्राहकों की तादाद 5.7 करोड़ होने के आसार हैं, जिसे ग्राहकों एवं आपूर्तिकर्ताओं के सकारात्मक रुख और सरकार के नियमों तथा निवेश से मदद मिलेगी।
खबरों के मुताबिक टाटा समूह ने 1एमजी में करीब 65 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए पक्का करार किया है। मुकेश अंबानी की अगुआई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 620 करोड़ रुपये में ऑनलाइन फार्मेसी नेटमेड्स की 60 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन ने भी ऑनलाइन दवा क्षेत्र मेंं उतरकर एमेजॉन फार्मेसी शुरू कर दी है, जिससे ग्राहक प्रमाणित विक्रेताओं से बिना पर्ची और पर्ची वाली वाली दवाएं खरीद सकते हैं।