रियल एस्टेट को राहत देगा फार्मा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 8:16 PM IST

मंदी के दौर में भी दवा कंपनियां उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
एक रिपोर्ट की मानें तो मंदी का फायदा उठाकर इस साल दवा कंपनियां रियल एस्टेट सेक्टर की सबसे बड़ी खरीदार के तौर पर सामने आ सकती हैं।
जोन्स लैंग लासाले मेगराज (जेएलएलएम) की इस रिपोर्ट में अमेरिका और यूरोप की 10 फार्मा कंपनियों के मुताबिक, ये कंपनियां भारत में अपना उत्पादन केंद्र खोलना या उसका विस्तार करना चाहती हैं।
इन कंपनियों को अगले 7 सालों में अपने शोध केंद्रों, नए उत्पादन केंद्रों और मौजूदा उत्पादन केंद्रों के विस्तार के लिए कुल मिलाकर 15 हजार एकड़ भूमि की और जरूरत होगी। जेएलएलएम के उपाध्यक्ष नीरव कोठारी ने बताया, ”भारत में नए उत्पादन प्लांट, प्रयोगशाला, परीक्षण केंद्र और दफ्तरों के लिए 15 हजार एकड़ की जरूरत होगी।”
कोठारी का दावा है कि देश में इस उद्योग का समर्थन देने वाली कई सुविधाएं हैं। इनमें प्रमुख हैं-कम उत्पादन लागत, अमेरिका और यूरोप के मुकाबले जरूरी दवाओं के लागत में 50-55 फीसदी की बचत, दवा उद्योग में शत-प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश जैसी सरकारी मदद, मेडिकल उपकरणों पर महज 7.5 फीसदी का आयात शुल्क, दवाओं के परीक्षण पर सेवा कर में छूट और बौद्धिक संपदा सुरक्षा।
अनुबंध वाले अनुसंधान और मैन्यूफैक्चरिंग सेवा (क्रैम्स) के लिए भारत सबसे उपयुक्त देश के तौर पर उभर रहा है। इसकी वजह पेटेंट का विशाल भंडार, सस्ता मानवश्रम, अनुसंधान और विकास के लिए अच्छी प्रतिभा और आधारभूत सुविधाएं का होना है। अब तक देश में 3,400 एकड़ में 13 फार्मास्युटिकल सो बनाए जाने को मंजूरी मिल चुकी है।
कोठारी ने बताया कि फार्मास्युटिकल निवेशकों की मांग देखते हुए अगले 7-8 साल में और 15 हजार एकड़ जमीन की जरूरत होगी। आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात इन निवेशकों की पसंदीदा जगह बनकर उभर रहा है। सो की मौजूदगी और बंदरगाहों का नजदीक होना इसकी मुख्य वजह है।
आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र दोनों राज्यों में 4 सो अधिसूचित रहे हैं। आंध्र प्रदेश में जवाहरलाल नेहरू फार्मा सिटी जो 2,500 एकड़ में फैला है, राज्य का सबसे बड़ा दवा उत्पादन सो है। 2008 में 630 करोड़ रुपये की लागत से फार्मा पार्क की शुरुआत की गई।
करीब 25 और निवेशकों ने फार्मा पार्क में निर्माण इकाई बनाने में रुचि दिखाई है। उम्मीद है कि भविष्य में कई और अनुबंध होंगे। इस पार्क में 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है। इससे 30 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।

First Published : March 17, 2009 | 2:17 PM IST