‘नए खिलाड़ी’ होंगे परेशान

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 09, 2022 | 9:40 AM IST

दूरसंचार की गाड़ी इस वक्त विकास की पटरी पर तेजी से दौड़ रही है और 2009 में भी इसकी रफ्तार पर खास असर पड़ने की अंदेशा नहीं है।


गांवों और कस्बों में विस्तार की अभी अच्छी खासी गुंजाइश है, इसलिए 2जी सेवाओं पर तो इस मंदी का कोई असर पड़ता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। कारोबार में विस्तार की रफ्तार भी पहले की ही तरह रहेगी।

हां, 3जी सेवाओं को जल्द इस्तेमाल करने का सपना जो देख रहे हैं, उन्हें मायूसी हो सकती है। बाजार में नकदी की कमी है, जिसका नुकसान नए ऑपरेटरों को हो सकता है। 3जी नेटवर्क निकालना तो बड़ी बात है, मेरे खयाल से कई कंपनियों के लिए तो इसका लाइसेंस हासिल करना ही चुनौती होगी।

मौजूदा दौर में इसके लिए नकदी जुटाना भी उन्हें मुश्किल होगा। यह जरूर है कि स्थापित और नामी कंपनियों को इसमें मुश्किल नहीं होनी चाहिए। नकदी नहीं है, तो निवेश भी कम होगा और नए ऑपरेटरों की ओर से विस्तार भी धीमा होगा।

लेकिन हैंडसेट बनाने वाली कंपनियों की बिक्री पर असर नहीं पड़ेगा। यह जरूर है कि उन्हें कम कीमत वाले हैंडसेटों के लिए ही ज्यादा बड़ा बाजार मिलेगा।

दूरसंचार क्षेत्र में सरकारी नीतियों में भी अगले साल ज्यादा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। यह तय है कि विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के मामले में सरकार ज्यादा ढील नहीं देगी।

मंदी का फायदा उपभोक्ताओं को हो सकता है। बाजार के ज्यादा हिस्से पर कब्जा करने के लिए नए और पुराने उपभोक्ता कॉल दरें हर हाल में कम करेंगे। ऑपरेटरों की संख्या बढ़ने से भी कॉल दर सस्ती होना तय है।

जहां तक भर्तियों और रोजगार का सवाल है, तो इसमें किसी तरह की कमी आने का अंदेशा नहीं है। चूंकि यह क्षेत्र विकास कर रहा है, इसलिए भर्तियां होती रहेंगी और छंटनी भी न के बराबर होगी।

मुझे लगता है कि वेतन में इजाफा भी पिछले सालों की तरह ही रहेगा। इस?क्षेत्र में प्रतिभाशाली कर्मचारी कम हैं, इसलिए कंपनियां उन्हें जाने नहीं देंगी।

(बातचीत :  ऋषभ कृष्ण)

कारोबार रफ्तार के साथ बढ़ेगा और 3जी तो नई क्रांति लेकर आएगी

मनोज कोहली
मुख्य कार्याधिकारी, भारती एयरटेल


छोटे शहरों के बाजार बढ़ेंगे, जिससे बिक्री में भी होगा इजाफा

अनिल अरोड़ा
कारोबार प्रमुख एलजी टेलीकॉम

First Published : December 26, 2008 | 11:27 PM IST