खनन इकाइयां लुभा रहीं विदेशी खरीदारों को

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 12:02 AM IST

खनन क्षेत्र में मंदी की वजह से सस्ते उत्पादों की तलाश और विदेशों में खनन संपत्तियां हासिल करने के लिए भारतीय कंपनियों में बढ़ रही भूख से विदेशी और भारतीय एसएमई कंपनियों के बीच विलय और गठजोड़ों को और बढ़ावा मिलेगा।
उदाहरण के लिए ब्रिटेन स्थित आईएमसी ग्रुप कंसल्टिंग लिमिटेड (आईएमसी) ने हाल में ही कोलकाता की एसआरजी सर्विसेज ऐंड कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड (एसआरजी) में 51 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदी है।
एसआरजी को भूगर्भीय, खनन और पर्यावरण परामर्श आदि में गहन अनुभव हासिल है। इसे इंडोनेशिया, तुर्की, ईरान, कजाकस्तान, ओमान, मैक्सिको, कांगो, मोजाम्बीक, मोरक्को और लाइबेरिया जैसे देशों में कंसल्टिंग परियोजनाओं का अंतराष्ट्रीय अनुभव हासिल है।
नए समझौते के तहत एसआरजी के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक टी एन गुनासीलन और निदेशक वी एस राव एवं हेमेन भगवती एसआरजी के बोर्ड में बने रहेंगे जबकि आईएमसी से बैरी एडवाड्र्स, क्रिस वेल्स और आरिफ अनवर नए बोर्ड सदस्य होंगे।
शहर में ग्लोबल सेक्टर मीट के दौरान खनन क्षेत्र के सूत्रों ने कहा कि एसआरजी जैसी कंपनियां वैश्विक ध्यान आकर्षित कर रहे भारतीय उद्यमियों में प्रमुखता से शुमार हैं। एसआरजी अपने लगभग 30 कुशल पेशेवरों की उत्कृष्ट टीम की बदौलत दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
इस सम्मेलन में अधिकारियों ने कहा कि खनन क्षेत्र हमेशा से एक ऐसा क्षेत्र रहा है जिस पर छोटी एवं नई कंपनियों का दबदबा रहा है। आईएमसी वैश्विक तौर पर पर्यावरण, खनन, खनिज, अभियांत्रिकी और ऊर्जा उद्योगों में सेवाओं की पेशकश करती है और इस क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक कंपनी के रूप में जानी जाती है।
आईएमसी के ग्राहकों में मर्चेंट बैंक, निजी खनन कंपनियां ऐड एजेंसियां, अंतराष्ट्रीय सरकारी संस्थाएं, वकील, बीमाकर्ता और विश्व बैंक, डीएफआईडी, टीएसीआईएस, यूएन, पीएचएआरई, एडीबी, ईबीआरडी जैसे प्रमुख वित्तीय संस्थान और गैर-सरकारी संगठन शामिल हैं।
क्रिस वेल्स ने कहा कि एसआरजी के अधिग्रहण से आईएमसी को भारतीय मौजूदगी को स्थाई बनाने में मदद मिलेगी। टी एन गुनासीलन ने कहा कि एसआरजी अपनी विशेष दक्षता के साथ डाटा अध्ययन और परियोजना प्रबंधन जैसे आईएमसी व्यवसायों को आगे बढ़ाएगी।
उन्होंने कहा कि भारत के संदर्भ में सामुदायिक पुनर्वास और खनन को लेकर आईएमसी की विशिष्ट दक्षता अहम होगी। जर्मनी की खनन कंपनी डीएमटी की इकाई आईएमसी मौजूदा समय में 30 से अधिक देशों में अपनी परियोजनाएं चला रही है।
आईएमसी सभी प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय शेयर बाजारों, खासकर लंदन स्टॉक एक्सचेंज मैन और एआईएम, पर आईपीओ के लिए कम्पोनेंट परसंस रिपोट्र्स के लिए पसंदीदा कंसल्टेंसी फर्मों में से एक है।

First Published : April 11, 2009 | 5:45 PM IST