हजारों करोड़ से हाथ धो बैठेगा होटल उद्योग

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 11:57 PM IST

अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क में कंप्यूटर सलाहकार रोनॉल्ड लुइस पिछले साल दिसम्बर में अपने दोस्त की शादी में मुंबई आने वाले थे।
लेकिन, नवंबर में हुए आतंकवादी हमलों के मद्देनजर उन्होंने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। लुइस की तरह अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के कई सैलानी अब भारत आने से कतरा रहे हैं। इससे विदेशी मुद्रा की आवक पर बड़ा बुरा प्रभाव पड़ा है। वैश्विक वित्तीय संकट के कारण भी इसमें भारी कमी की उम्मीद है।
हॉस्पिटैलिटी सेवाएं देने वाली कंपनी एचवीएस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक मंदी और आतंकवादी हमलों की आशंका बढ़ने से ताजा वित्त वर्ष में होटल उद्योग को कम से कम 5,600 करोड़ रुपये का नुकसान होने के आसार हं। हालांकि वर्ष 2008 में भारत आने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या 5.7 फीसदी बढ़कर लगभग 53.70 लाख तक पहुंच गई।
आर्थिक राजधानी मुम्बई में नवंबर में हुए आतंकवादी हमलों में 195 लोग मारे गए थे ,जिसकी वजह से देश भर के होटलों में बुकिंग रद्द की जाने लगी। यह स्थिति 2 महीने पहले की है। भारतीय होटल समूह और संबधित संगठन का मानना है कि विदेशी सैलानी की संख्या आने वाले समय में और कम सकती है ऐसे में बड़े कार्पोरेट से लेकर छोटी कंपनियां सभी कटौती के विकल्प पर विचार कर रही हैं।
लीला वेंचर होटल के उप निदेशक और प्रबंध निदेशक विवेक नायर ने कहा ‘आय में अब तक 15-20 फीसदी  तक कमी हो चुकी है और इस साल विदेशी सैलानियों के आगमन में कमी से बेहद दबाव रहेगा। सितम्बर के बाद सीजन में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि फिर भी हम उम्मीद करते हैं कि होटल व्यवसाय में 20 फीसदी कमरे खाली रहने की आशंका है, जबकि कमरे के औसत मूल्य में भी इस साल कमी हो सकती है। एचवीएस इंडिया ने  पिछले वित्तीय वर्ष और इस चालू वर्ष को मिलाकर हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में  9000 करोड़ रुपये की हानि की आशंका जताई है।
एचवीएस की रिपोर्ट के अनुसार आयगत हानि गैर ब्रांडेड होटल क्षेत्र में काफी ज्यादा दिख रही है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4058 करोड़ रुपये से  23 फीसदी कम होकर 3130 करोड़ रुपये रहने की आशंका है। वहीं ब्रांडेड होटल को पिछले साल 9802 करोड़ रुपये  की तुलना में 12 फीसदी कम यानी 8578 करोड़ रुपये रहने की आशंका है।
दक्षिण और पश्चिम भारत में ज्यादातर कारोबार करने वाले बेंगलुरु के रॉयल आर्चिड होटल के लिए मौजूदा साल काफी मुश्किल लग रहा है। होटल के सह प्रवर्तक केशव बल्जी ने कहा कि वैश्विक मंदी से  अचानक हुए इस बदलाव  के कारण चालू साल ज्यादातर होटलों के  लिये काफी चुनौती भरा है। लक्जरी होटलों के कारोबार पर इसका बुरा प्रभाव पडेग़ा।
कंपनियों को अगले साल भी कमरा खाली रहने से संतोष करना होगा। पर्यटन मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार विदेशी सैलानी आगमन (एफटीए) इस साल के शुरुआती तीन माह में 14.6 लाख रहा, जो पिछले साल के 16.9 लाख की तुलना में 13.75 फीसदी कम है।  इसी अवधि में विदेशी मुद्रा आय 13,582 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की 15,655 करोड़ रुपये से 13 फीसदी कम है।
मंदी और आतंकवादी हमलों की आशंका से होटल उद्योग को लग सकता है 5,600 करोड़ रुपये का चूना
गैर ब्रांडेड होटलों को ज्यादा नुकसान होने की आशंका। कारोबार घटकर 3,130 करोड़ रुपये होने का अनुमान

First Published : April 11, 2009 | 3:43 PM IST