बाजार गिरता देख टीडीआर बेचेगी एचडीआईएल

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 10:44 PM IST

मुंबई स्थित जायदाद कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड यानी एचडीआईएल 40,000 वर्ग फुट का ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स यानी टीडीआर 42 करोड़ में बेच रही है।
गौरतलब है कि टीडीआर की कीमत पिछले कुछ दिनों से कम हो रही है। अभी इसमें और गिरावट होने की संभावना है। बिक्री की यह घोषणा बुधवार को हुई। इसके बाद एचडीआईएल के शेयर बुधवार को 9 प्रतिशत चढ़कर 89.90 रुपये पर बंद हुए।
इसका मतलब यह कि बाजार ने कंपनी के इस कदम का स्वागत किया है। दिसंबर में समाप्त हुई तिमाही में एचडीआईएल का 10 लाख वर्ग फुट का टीडीआर बाजार में था। इसमें से 5 लाख वर्ग फुट से भी कम का टीडीआर बेचा जा सका है।
पिछले साल टीडीआर की कीमत में 75 प्रतिशत की गिरावट आई थी। मार्च 2008 में टीडीआर की कीमत जहां 4,000 रुपये प्रति वर्ग फुट थी, वहीं अब यह घटकर 1,000 रुपये प्रति वर्ग फुट रह गई है। इसके लिए जायदाद की कीमत में कमी और राज्य सरकार द्वारा स्लम विकास योजना के तहत फ्लोर स्पेस इंडेक्स यानी एफएसआई में बढ़ोतरी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि टीडीआर उस अतिरिक्त जमीन के अधिकार को कहा जाता है, जिसे कोई भूस्वामी पुनर्विकास या किसी जनोपयोगी परियोजना के लिये मूल जमीन के साथ देता है। टीडीआर का मालिकाना हक रखने वाला व्यक्ति इसका इस्तेमाल खुद शहर के दूसरे हिस्से में तो कर ही सकता है, अगर वह चाहे तो इसे बेच भी सकता है।
इक्विटी ब्रोकरेज संस्था अलकेमी की एक हालिया रपट के मुताबिक, आपूर्ति बढ़ते जाने और मांग घटते जाने से दाम में अभी और कमी की संभावना है। एक इक्विटी विश्लेषक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अभी बाजार में टीडीआर की मांग बढ़ने की कोई संभावना नहीं है। बडे पैमाने पर वाणिज्यिक और रिहायशी गतिविधियों में कमी की वजह से मांग में भारी कमी आई है।
इसके बावजूद कंपनी चिंतित नहीं है। कंपनी मानती है कि अभी भी मुनाफा की संभावना है। एचडीआईएल के उपमहाप्रबंधक हरि पांडे ने हाल ही में बिानेस स्टैंडर्ड को बताया था कि हमारे टीडीआर की कीमत 850 रुपये प्रति वर्ग फुट है। लेकिन हम इसे अभी 1,100 की दर से बेच रहे हैं और 15 प्रतिशत मुनाफा कमा रहे हैं।
इसे बेचकर हम उधारी चुकाने के साथ-साथ ब्याज के बोझ को भी कम करना चाहते हैं। इसके अलावा नकदी के प्रवाह को भी हम सुधारना चाहते हैं। एचडीआईएल स्लम पुनर्विकास की बड़ी कंपनियों में से एक है। उम्मीद है कि 2010 तक मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की परियोजना से इसे 1 करोड़ वर्ग फुट का टीडीआर हासिल होगा। अगले चार-पांच साल में इसके बढ़कर 5 करोड़ वर्ग फुट हो जाने की संभावना जताई जा रही है।

First Published : April 2, 2009 | 10:09 PM IST