आईटी सेवा प्रदान करने वाली कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजिज ने जनवरी से अब तक चार कंपनियों से सफलतापूर्वक करार किए हैं।
इसमें तीन कंपनियां जेरॉक्स, नोकिया और रीडर्स डाइजेस्ट एसोसिएशन (आरडीए) अंतरराष्ट्रीय कंपनियां हैं, जबकि नेशनल इंश्योरेंस कंपनी (एनआईसी) भारतीय कंपनी है। इसके अलावा एचसीएल ने सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट से पांच साल के लिए आईटी सेवा देने के लिए 850 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट भी हासिल किया है।
हालांकि इस पर एचसीएल ने किसी प्रकार की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। जेरॉक्स के साथ एचसीएल ने 500 करोड़ रुपये का ठेका सोमवार को हासिल किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि सबसे बड़ी डाटा सेंटर (डीसी) सेवा प्रदान करने वाली कंपनी जेरॉक्स ने भारतीय कंपनी पर कितना यकीन किया है।
इस करार के तहत, मध्यम रेंज की सेवा, कारोबार निरंतरता और जेरॉक्स के सूचना प्रबंधन परिचालन के लिए आपदा राहत जैसी सुविधाएं मुहैया करना शामिल है। अगर आरडीए की बात की जाए, तो एचसीएल ने 1750 करोड़ रुपये का ठेका हासिल किया है।
मौजूदा आर्थिक संकट के दौर में भारतीय कंपनी द्वारा विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत आईटी सेवा देने वाली कंपनियों में शुमार आरडीए से यह करार निश्चित तौर पर काबिले तारीफ है। एचसीएल ने यह करार सात साल के लिए हासिल किया है।
नोकिया के साथ एचसीएल का करार डेस्कटॉप मैनेजमेंट आउटसोर्सिंग का बेहतरीन उदाहरण है। इतने कॉन्ट्रैक्ट हासिल होने के बाद सबके जेहन में यह सवाल उठ खड़ा हुआ है, कि मौजूदा संकट के हालात में कंपनी इसे किस तरह से समायोजित कर पा रही है।
इसके जबाव में एचसीएल टेक्नोलॉजिज इन्फ्रास्ट्रक्चर सर्विस डिवीजन के अध्यक्ष अनंत गुप्ता कहते हैं, ‘हमलोगों ने आर्थिक संकट को एक अवसर के तौर पर लिया है। हमलोगों ने अपने लक्ष्य को निर्धारित किया है और उसे तेज क रने की कवायद में जुट गए हैं। हम अधिक से अधिक निवेश कर अपनी विकास गति को तेज कर रहे हैं। इस वजह से हम ग्राहकों की कसौटी पर खरा उतर रहे हैं। इसके अलावा लागत में कमी करने के नए तरीके के साथ हम नए ग्राहकों से भी तेजी से जुड़ रहे हैं।’
कंपनी नए बाजारों और उसमें अपनी पक्की जगह को बनाने के लिए ‘ब्लू ऑशियन’ तरीके का सहारा ले रही है। मिसाल के तौर पर इसने मीडिया, पब्लिशिंग और इंटरटेनमेंट बाजार में रीडर्स डाइजेस्ट के साथ सौदा किया। यह कंपनी का इस बाजार में पहला अहम सौदा था।
साथ ही, कंपनी अब सौदे करने के बजाए अपने ग्राहकों के साथ साझीदारी करने पर ज्यादा जोर दे रही है। घरेलू बाजार में इसने आईटी सेवाएं मुहैया करने के लिए आम बीमा बाजार की बड़ी कंपनी एनआईसी के साथ सात साल का समझौता किया है।
इसके तहत कंपनी ने एनआईसी के कंप्यूटर नेटवर्क के एकीकरण और उस नेटवर्क के प्रबंधन की सारी जिम्मेदारी भी उठा ली है। एचसीएल ने यह सौदा 393 करोड़ रुपये में किया था। सोमवार को कंपनी के एक शेयर की कीमत 112.1 रुपये रही, जो शुक्रवार की कीमत के मुकाबले 5.01 फीसदी ज्यादा थी।