सरकारी तेल एवं गैस क्षेत्र की प्रमुख कंपनी गुजरात राज्य पैट्रोलियम निगम (जीएसपीसी) ने अक्षय ऊर्जा के स्रोत पर भी अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर पवन ऊर्जा के क्षेत्र में उतरने का विचार बनाया है।
कंपनी की योजना 200 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना लगाने की है, जिसमें लगभग 1000 से 1200 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस परियोजना के लिए कंपनी ने पवन ऊर्जा उत्पादकों से बोलियां आमंत्रित की है।
इस साल सितंबर में भारत की एक और तेल एवं गैस कंपनी ओएनजीसी ने भी गुजरात में 50 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना की आधिकारिक तौर पर शुरुआत कर पवन ऊर्जा क्षेत्र में अपने कदम रख दिए हैं। इस परियोजना की लागत लगभग 300 करोड़ रुपये है।
जीएसपीसी के प्रवक्ता ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि कंपनी पवन ऊर्जा क्षेत्र में कदम रखने के लिए संभावनाएं तलाश रही है और कंपनी को मिलने वाली बोलियों के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
कंपनी सूत्रों का कहना है कि इस दौरान कंपनी ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी कदम रखने की संभावनाओं की तलाश की है, लेकिन अभी तक इस बोर में कोई फैसला नहीं लिया गया है।
उनका कहना है कि कंपनी आवश्यक घोषणाएं अगले साल जनवरी में होने वाले वाइब्रैंट गुजरात सम्मेलन के दौरान कर सकती है।