वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने अगले साल प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले अपने बोर्ड में महत्त्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अगले साल से कंपनी के बोर्ड में शामिल होने वाले नए निदेशकों में एचडीएफसी लिमिटेड के वाइस चेयरमैन एवं मुख्य कार्याधिकारी केकी मिस्त्री, वॉलमार्ट से दो नए निदेशक- वैश्विक मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी सुरेश कुमार और वॉलमार्ट इंटरनैशनल के कार्यकारी उपाध्यक्ष (अंतरराष्ट्रीय रणनीति एवं विकास) ले हॉपकिन्स के अलावा फ्लिपकार्ट के ग्रुप सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति शामिल हैं।
कृष्णमूर्ति ने इस सप्ताह कर्मचारियों को लिखे एक आंतरिक ईमेल में इस बदलाव के बारे में जानकारी दी है। इसमें यह भी बताया गया है कि बोर्ड के मौजूदा सदस्य स्टुअर्ट वाल्टन, वॉलमार्ट एशिया के कार्यकारी उपाध्यक्ष डिर्क वान डेन बर्घे, मेकमाईट्रिप के सह-संस्थापक राजेश मैगो और रोहित भगत बोर्ड से बाहर हो रहे हैं। वॉलमार्ट के अरबपति वारिस स्टुअर्ट वाल्टन फ्लिपकार्ट के बोर्ड से बाहर हो रहे हैं ताकि उन्हें वॉलमार्ट की तकनीकी समिति के अध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल सके। लेकिन वह फ्लिपकार्ट के लिए एक सक्रिय प्रायोजक की भूमिका लगातार निभाते रहेंगे। वॉल्टन ने फ्लिपकार्ट में वॉलमार्ट के निवेश के बाद उसके बोर्ड में शामिल हुए थे।
कृष्णमूर्ति ने कहा कि वॉल्टन ने फ्लिपकार्ट की उद्यमिता के फायदे को वॉलमार्ट के साथ जोडऩे के लिए कंपनी का मार्गदर्शन करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। इससे कंपनी को अपनी प्रगति एवं महत्त्वाकांक्षा की ओर रफ्तार बढ़ाने में मदद मिली। फ्लिपकार्ट को अपनी रणनीति तैयार करने में उन्होंने अनमोल परामर्श प्रदान किया है। कंपनी की निवेश समिति के अध्यक्ष के तौर पर वह रणनीतिक निवेश के एक प्रमुख प्रायोजक रहे हैं। डिर्क वान डेन बर्घे मार्च के अंत में वॉलमार्ट के एशिया कारोबार एवं वैश्विक सोर्सिंग संगठन के कार्यकारी उपाध्यक्ष के पद से से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। फ्लिपकार्ट में वॉलमार्ट के निवेश और उसके प्रति नजरिया तैयार करने में बर्घे ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। तभी से वह एक सक्रिय समर्थक रहे हैं क्योंकि फ्लिपकार्ट ने अपनी रणनीति तैयार की है। वह फ्लिपकार्ट की नेतृत्व टीम में कृष्णमूर्ति सहित कई लोगों के लिए एक महत्त्वपूर्ण संरक्षक रहे हैं। बर्घे सलाहकार के रूप में फ्लिपकार्ट को अपना समर्थन जारी रखेंगे।
फ्लिपकार्ट से करीब एक दशक से जुड़े रहने वाले मैगो सलाहकार की भूमिका निभाने के लिए बोर्ड से बाहर हो रहे हैं। वॉलमार्ट के निवेश के बाद उन्होंने बोर्ड में बने रहने के लिए सहमति जताई थी। उन्होंने फ्लिकार्ट के स्वामित्व ढांचे में बदलाव में काफी मदद की थी। फ्लिपकार्ट के सफर में मैगो का बड़ा साथ रहा है। मेकमाईट्रिप के सह-संस्थापक एवं सीईओ के तौर पर उनका अनुभव और दृष्टिकोण कंपनी के बोर्ड में चर्चा के लिए काफी मूल्यवान रहा है।