‘सबको मिली खुशी’

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 12:20 AM IST

सत्यम घोटाले से भारतीय आईटी उद्योग पर उंगली उठने लगी थी, लेकिन अब सत्यम को नया नेतृत्व मिला है, जिससे यह कंपनी अपना खोया गौरव हासिल करेगी।
सौदे की प्रक्रिया पूरी होने से उद्योग जगत के साथ-साथ नैस्कॉम ने भी राहत की सांस ली है। सत्यम के नए नेतृत्व का आईटी उद्योग के लिए क्या मायने हैं, इस बारे में नैसकॉम के अध्यक्ष सोम मित्तल से बात की कीर्तिका सुनेजा ने। पेश हैं, संक्षिप्त अंश :
सत्यम को अब आप किस नजरिए से देखते हैं?
यह आईटी उद्योग के साथ-साथ पूरे औद्योगिक जगत के लिए खुशी की बात है। सत्यम को लेकर जो अनिश्चितता के बादल थे, वे अब जल्द ही छंट जाएंगे और कंपनी फिर से अपना खोया सम्मान हासिल करेगी। सच तो यह है कि संकट में फंसी कंपनी के मामले में यह अब तक का सबसे तेज निर्णय है। कंपनी लॉ बोर्ड और सरकार ने 100 दिनों के अंदर ही इस समस्या को सुलझा लिया।
इस सौदे का सत्यम के ग्राहकों के लिए क्या मायने हैं?
कंपनी के ग्राहक भी इस कदम की सराहना करेंगे, क्योंकि टेक महिंद्रा आईटी क्षेत्र का जाना-पहचाना नाम है। टेक महिंद्रा के पास सत्यम को उबरने की पूरी क्षमता है। इस सौदे से दोनों कंपनियों को फायदा होगा, जिसका लाभ अंतत: ग्राहकों को ही मिलेगा।
क्या सत्यम-टेक महिंद्रा देश की चौथी सबसे बड़ी आईटी निर्यातक कंपनी बनेगी?
अभी ऐसा कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन आने वाले दिनों में यह मजबूत कंपनी बनकर उभरेगी।
सत्यम का मामला निपट गया, अब आगे की क्या योजना है?
नारायण मूर्ति के नेतृत्व में नैस्कॉम की गवर्नेंस समिति सभी कंपनियों के लिए कॉरपोरेट गवर्नेंस लागू करने की बात कहेंगे। सत्यम मामला सुलझने के बाद अब अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और मंदी सबसे बड़ी चुनौती है।

First Published : April 14, 2009 | 3:27 PM IST