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ई-कॉमर्स कंपनी Amazon India ने विक्रेता शुल्क संरचनाओं को संशोधित किया

Amazon सात अप्रैल से अपने मार्केटप्लेस 'अमेजन डॉट इन' पर विक्रेताओं के लिए अपनी शुल्क संरचना को संशोधित कर रही है।

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भाषा   
Last Updated- March 23, 2024 | 5:47 PM IST

ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन (Amazon) ने शनिवार को कहा कि वह मुद्रास्फीति (inflation) और ब्याज दरों के साथ ही उद्योग में प्रचलित शुल्क संरचनाओं के अनुरूप अपने विक्रेता शुल्क को संशोधित कर रही है।

कंपनी सात अप्रैल से अपने मार्केटप्लेस ‘अमेजन डॉट इन’ पर विक्रेताओं के लिए अपनी शुल्क संरचना को संशोधित कर रही है। इसमें रेफरल शुल्क, समापन शुल्क और वजन प्रबंधन शुल्क के अलावा अन्य सहायक शुल्क शामिल हैं।

कंपनी ने कहा, ”ये संशोधन मुद्रास्फीति, ब्याज दरों, परिचालन लागत जैसे विभिन्न व्यापक आर्थिक कारकों को ध्यान में रखकर किए गए हैं। ये उद्योग में प्रचलित शुल्क रुझानों के अनुरूप हैं।”

Amazon विभिन्न श्रेणियों में रेफरल शुल्क कम किया जाएगा

कंपनी ने एक बयान में कहा कि परिधान, चादर, कुशन कवर और बर्तन जैसी श्रेणियों में रेफरल शुल्क कम किया जाएगा, जबकि वैज्ञानिक आपूर्ति, चिमनी, लैपटॉप बैग तथा टायर जैसी श्रेणियों में इसे बढ़ाया जाएगा।

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इसके अलावा 1,000 रुपये से अधिक की औसत बिक्री मूल्य के लिए समापन शुल्क में तीन रुपये की बढ़ोतरी की गई है। परिवहन लागत में मुद्रास्फीति के अनुरूप वजन प्रबंधन शुल्क में दो रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

अमेजन इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, ”हम मानते हैं कि विक्रेता शुल्क और प्रोत्साहन से एक मजबूत बाजार को बनाए रखने में मदद मिलेगी, जो देश में छोटे और मझोले व्यवसायों को डिजिटल बनाने और उन्हें मजबूत राष्ट्रीय ब्रांडों के रूप में विकसित होने में मदद करेगा।”

उन्होंने कहा कि ये बदलाव ‘अमेजन डॉट इन’ को भारत में बिक्री के लिए सबसे पसंदीदा बाजारों में से एक बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

First Published : March 23, 2024 | 5:47 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)