सत्यम पर डोली बड़ों की ‘नीयत’

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 09, 2022 | 4:10 PM IST

भारत की चौथी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी की साख को बट्टा क्या लगा, देश के बड़े कॉरपोरेट घराने इसमें रणनीतिक हिस्सेदारी की संभावनाएं तलाशने में जुट गए।


इस बाबत बड़े प्राइवेट इक्विटी प्लेयर के साथ गुपचुप बातचीत करने वालों में छोटे अंबानी की अनिल धीरुभाई अंबानी ग्रुप (एडीएजी), महिंद्रा ब्रिटिश टेलिकॉम, लार्सन एंड टुब्रो इन्फोटेक शामिल हैं।

इस खेल में जिन प्राइवेट इक्विटी प्लेयर का सहारा लिया जा रहा है उनमें टेक्सस पैसिफिक, जनरल अटलांटिक पार्टनर्स और कार्लाइल शामिल हैं।

शेयर बाजार में लुढ़कने के बाद खरीदारी के लिहाज से सत्यम का शेयर काफी आकर्षक हो गया है। इसे देखते हुए और इस जानकारी के बाद कि सत्यम के पास एक अरब डॉलर की नकदी है, दोनों प्राइवेट इक्विटी फर्म और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी सत्यम में हिस्सेदारी की संभावनाएं तलाशने लगे।

सत्यम में 234 करोड़ रुपये की लागत से सत्यम की 60 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने वाले संस्थागत निवेशक में मौजूद सूत्र ने इस बात का खुलासा किया है।

बुधवार को सत्यम का शेयर एक दिन पहले के मुकाबले 6.29 फीसदी के लाभ केसाथ बंद हुआ। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में कुल 5.3 करोड़ शेयरों का कारोबार हुआ।

पिछले तीन कारोबारी सत्र में सत्यम के शेयर में कुल 50 फीसदी का उछाल आया है। पिछले हफ्ते यह एक साल के न्यूनतम स्तर 114.45 रुपये पर चला गया था।

सत्यम में हिस्सेदारी खरीदने वालों में अनिल अंबानी की एडीएजी सबसे आगे बताई जा रही है क्योंकि म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनी के जरिए पहले से ही इस कंपनी के 5-6 फीसदी सत्यम के शेयर हैं।

ओपन ऑफर के पहले कंपनी को 9-10 फीसदी और शेयर खरीदने की दरकार पड़ेगी।

First Published : December 31, 2008 | 11:30 PM IST