विश्व की दूसरी सबसे बड़ी पर्सनल कंप्यूटर निर्माता डेल भारत में अपने कारोबार का पुनर्गठन कर रही है।
61 अरब डॉलर की इस कंपनी ने दिसंबर में अपने कारोबार को चार क्षेत्रों-उपभोक्ता, बड़े उद्यम, सार्वजनिक क्षेत्र और छोटे और मध्यम श्रेणी के कारोबार में पुनर्व्यवस्थित करने की बात कही थी। अब तक डेल का कारोबार महज दो क्षेत्रों उपभोक्ता और उद्यम तक सीमित रहा है।
मालूम हो कि डेल इंडिया का अनुमानित कारोबार 90 करोड़ डॉलर (4,500 करोड़ रुपये) सालाना का है। इस समय डेल में 12,000 के आसपास कर्मचारी काम कर रहे हैं। कंपनी के मुताबिक, समीर गार्डे बतौर महाप्रबंधक देश में कंपनी प्रमुख का दायित्व संभालते रहेंगे।
गार्डे इसके साथ उद्यम सेक्टर के भी प्रमुख होंगे। उपभोक्ता क्षेत्र का दायित्व महेश भल्ला संभालेंगे। नीरज गुप्ता बतौर महाप्रबंधक सार्वजनिक क्षेत्र का कामकाज देखेंगे और रवि भारद्वाज छोटे और मध्यम श्रेणी का कामकाज संभालेंगे।
गार्डे ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि ग्राहकों को जल्द और बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए यह कदम उठाया गया है। ग्राहकों की जरूरतें तेजी से परिभाषित हो रही हैं। गार्डे ने बताया कि जहां तक ग्राहकों की मदद करने और उसे सुविधाएं मुहैया कराने का सवाल है तो कंपनी अपने कारोबार को किसी भौगोलिक सीमा में नहीं बांधेगी।
अमेरिका में डेल कंप्यूटर का सबसे बड़ा सप्लायर है। वहीं भारत में इसने एचसीएल से दूसरा नंबर छीन लिया है। आईडीसी की इंडिया क्वार्टरली पीसी ट्रैकर रिलीज के मुताबिक, एचसीएल की बाजार हिस्सेदारी 9.6 फीसदी रह गई है और डेल की बाजार हिस्सेदारी 10.9 फीसदी हो गई है।
एचपी अब भी पहले स्थान पर मौजूद है। इसकी बाजार हिस्सेदारी 15.6 फीसदी की है। सर्वर बाजार की बात की जाए तो डेल 10 फीसदी की हिस्सेदारी के साथ चौथे स्थान है।