फ्यूचर रिटेल का ऋण पुनर्गठन

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 5:46 AM IST

फ्यूचर रिटेल के लेनदारों ने कर्ज पुनर्गठन की योजना को मंजूरी दे दी है, जहां कंपनी दो साल तक कर्ज के पुनर्भुगतान का विस्तार कर सकती है। लेकिन इसके लिए कर्ज पुनर्गठन योजना को भारतीय रिजर्व बैंक की केवी कामत समिति की मंजूरी की दरकार होगी। इस समिति का गठन भारतीय रिजर्व बैंक ने कंपनी कर्ज का एकबार पुनर्गठन करने के मानकों की सिफारिश के लिए किया है।
लेनदारों व फ्यूचर रिटेल के निदेशक मंडल की तरफ से मंजूर समाधान योजना का क्रियान्वयन 26 अप्रैल, 2021 को होगा।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, ऐक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक समेत 26 लेनदारों के समूह ने कंपनी के अल्पावधि कर्ज, सावधि कर्ज, एनसीडी, ओवरड््यू वर्किंग कैपिटल लोन (वर्किंग कैपिटल टर्म लोन में परिवर्तित) की पुनर्भुगतान अवधि में इजाफा करने का फैसला किया है। लेनदारों की तरफ से मंजूर पुनर्गठन योजना के मुताबिक, इसके अलावा 1 मार्च, 2020 से लेकर 30 सितंबर, 2020 तक के ब्याज को फंडेड इंटरेस्ट टर्म लोन में परिवर्तित किया जाएगा, जो दिसंबर 2021 में देय होगा। साथ ही कंपनी को कैश क्रेडिट जारी रहेगा, लेकिन बैकों की तरफ से आकलन के मुताबिक घटे हुए स्तर पर। इसके अलावा दंडात्मक ब्याज व शुल्क, डिफॉल्ट प्रीमियम, मार्च 2020 से समाधान योजना तक का बकाया प्रोसेसिंग शुल्क पूरी तरह से माफ कर दिया जाएगा। समाधान योजना के तहत एनसीडी के जरिये जुटाया गया कर्ज भी पुनर्गठन प्रक्रिया का हिस्सा होगा और कंपनी ने इसकी शर्तों में संशोधन के लिए
सभी एनसीडीधारकों से सहमति ले ली है।
एक्सचेंज को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा, महामारी ने लंबी अवधि की कारोबारी व्यवहार्यता पर गहरा असर डाला है और विभिन्न उद्योगों पर इसके गहरे वित्तीय असर देखने को मिले हैं। लॉकडाउन के बाद कंपनी की तरफ से अर्जित नकदी के सापेक्ष कर्ज का बोझ काफी हो गया है, जो कारोबार के लिए वित्तीय स्थायित्व का जोखिम पैदा कर रहा है। ऐसे में कर्ज का पुनर्गठन अनिवार्य है।
रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक, अक्टूबर 2020 में फ्यूचर रिटेल पर 6,278 करोड़ रुपये कर्ज था, जिसमें 528 करोड़ रुपये का लंबी अवधि वाला सावधि कर्ज, 3,250 करोड़ रुपये की लॉन्ग टर्म फंड बैस्ड बैंक फैसिलिटी और अल्पावधि वाली गैर-फंड आधारित 2,500 करोड़ रुपये की बैंक फैसिलिटी शामिल है।
पिछले अगस्त में फ्यूचर समूह ने ऐलान किया था कि वह अपने खुदरा व थोक कारोबार की बिक्री रिलायंस रिटेल वेंचर्स को 24,713 करोड़ रुपये में करेगी। हालांकि यह सौदा आगे नहीं बढ़ पाया क्योंकि एमेजॉन ने इस सौदे की योजना को चुनौती दी। ई-कॉमर्स दिग्गज एमेजॉन ने अगस्त 2019 में फ्यूचर कूपंस में निवेश किया था।

First Published : April 18, 2021 | 11:46 PM IST