अर्थव्यवस्था

भारत-अमेरिका को मतभेद दूर कर भरोसेमंद कर व्यवस्था बनाने पर काम करना चाहिए: सर्जियो गोर

इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स ने ‘भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना’ विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया

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भाषा   
Last Updated- August 18, 2026 | 11:44 PM IST

अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार को कहा कि भारत और अमेरिका को सच्चे साझेदार के रूप में मतभेदों को दूर करना चाहिए तथा ऐसी विश्वसनीय कर एवं नियामकीय व्यवस्था बनाने के लिए काम करना चाहिए, जिससे कारोबार के विस्तार में मदद मिले।

गोर ने मुंबई में ‘इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स’ में निर्यात नियंत्रण पर स्पष्ट एवं विश्वसनीय बातचीत तथा मजबूत बौद्धिक संपदा संरक्षण की जरूरत पर जोर दिया।

इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स ने ‘भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना’ विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया। गोर ने कहा कि भारत में अमेरिकी दूतावास ने 20 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश आकर्षित करने में दुनियाभर के अमेरिकी दूतावासों में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

उन्होंने कहा कि जब भारतीय कंपनियां अमेरिका में निवेश करती हैं, तो यह दोनों पक्षों के लिए फायदे का सौदा होता है। उन्हें दुनिया के गतिशील बाजारों में से एक तक पहुंच मिलती है। गोर ने कहा, ‘इस रिश्ते में अविश्वसनीय एवं असाधारण संभावनाएं हैं।’

First Published : August 18, 2026 | 11:42 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)