जेपी इन्फ्रा मामले पर आज होगी सीओसी की बैठक

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 4:38 AM IST

जेपी इन्फ्राटेक के लेनदारों की समिति (सीओसी) सुरक्षा ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी (एआरसी) और सरकार के स्वामित्व वाली एनबीएफसी इंडिया द्वारा सौंपी गईं समाधान योजनाओं पर विचार करने के लिए गुरुवार को बैठक करेगी। सुरक्षा एआरसी ने मंगलवार की रात उसकी प्रतिस्पर्धी द्वारा समय-सीमा के बाद की गई पेशकश पर आपत्ति जताई है।
अपनी नई पेशकश में एनबीसीसी ने ऋणदाताओं, घर मालिकों और बकायेदारों के लिए अपनी पेशकश का दायरा बढ़ाकर पूर्व के 4,873 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5,248 करोड़ रुपये कर दिया है। चूंकि एनबीसीसी की पेशकश मंगलवार शाम 4 बजे की समय-सीमा निकल जाने के बाद की गई, इसलिए सुरक्षा एआरसी ने सीओसी को पत्र लिखकर यह आपत्ति जताई कि एनबीसीसी की नई पेशकश पर सीओसी द्वारा विचार नहीं किया जाना चाहिए।
सीओसी को भेजे पत्र में सुरक्षा एआरसी ने कहा है कि रिजोल्यूशन पेशेवर और सीओसी सदस्यों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि एनबीसीसी द्वारा पेश समाधान योजना भी दिवालिया संहिता के प्रावधानों, और सर्वोच्च न्यायालय के 24 मार्च 2021 के निर्णय के अनुरूप है। सुरक्षा का कहना है कि शुरू में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा असंतुष्ट वित्तीय लेनदारों को मौजूदा प्रतिभूतियों को स्वीकार करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन एनबीसीइसी की नई पेशकश ने उन्हें गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर दिए हैं, जो निर्णय के अनुरूप नहीं हैं।
दोनों प्रस्तावों पर वोटिंग मई के आखिरी सप्ताह में शुरू होने की संभावना है और यह प्रक्रिया एक सप्ताह के लिए खुली रहेगी।
करीब 22,000 करोड़ रुपये के ऋण की चूक और अपने ग्राहकों के लिए मकानों के निर्माण में विफल रहने के बाद वर्ष 2017 में जेपी इन्फ्रा को दिवालिया संहिता 2016 के तहत शामिल किया गया था।

First Published : May 19, 2021 | 11:11 PM IST