किशोर बियाणी का फ्यूचर ग्रुप वर्ष 2009 की दूसरी छमाही में ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के किराना स्टोरों को अपने प्राइवेट लेबल ब्रांड के उत्पादों की बिक्री करेगा। इसमें परिधान और खाद्य पदार्थ और अन्य किराना वस्तुएं शामिल हैं।
कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मौजूदा समय में कंपनी के रिटेल स्टोरों की कुल बिक्री में प्राइवेट लेबल उत्पाद की हिस्सेदारी करीब 10-35 फीसदी है। कंपनी अब अपने स्टोरों में भी प्राइवेट लेबल उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना बना रही है।
कंपनी छोटे किराना स्टोरों तक पहुंच बनाने के लिए अपने स्टोर- फेयर प्राइस, आधार और कैश ऐंड कैरी स्टोर की मदद लेगी। फ्यूचर ग्रुप के ग्रुप कस्टमर डायरेक्टर दामोदर का कहना है कि कंपनी फेयर प्राइस और आधार के जरिए प्राइवेट लेबल उत्पादों की थोक बिक्री करेगी।
कंपनी की ओर से देशभर में करीब 150 फेयर प्राइस स्टोर चलाए जा रहे हैं, जबकि अगले 18 महीनों में कंपनी इन स्टोरों की संख्या बढ़ाकर 1500 करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों के किराना स्टोरों तक पहुंच बनाने के लिए कंपनी अपने स्टोर आधार को माध्यम बनाएगी। मौजूदा समय में कंपनी के 800 शहरों में ऐसे स्टोर चल रहे हैं।
इससे पहले मुकेश अंबानी की रिलायंस रिटेल भी प्राइवेट लेबल के उत्पादों को किराना स्टोरों को बेचने की घोषणा कर चुकी है। इसका मकसद कंपनी की आय में इजाफा करना और घटती बिक्री को बढ़ाना है। शुरुआत में कंपनी प्राइवेट लेबल के तहत परिधानों की बिक्री करेगी, उसके बाद खाद्य पदार्थों और अन्य समानों की बिक्री की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल फ्यूचर ग्रुप की ओर से घोषणा की गई थी कि वह अगले चार सालों में कंज्यूमर प्रोडक्ट क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में शुमार हो जाएगी। इसके तहत कंपनी नए-नए ब्रांड उतारेगी और बिक्री को बढ़ाएगी। बियाणी ने कहा कि प्राइवेट लेबल से कंपनी के राजस्व में करीब 10 फीसदी का इजाफा होने की उम्मीद है। कंपनी पर्सनल केयर उत्पाद और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स भी लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।