सरकार की ओर से नई उत्खनन लाइसेंसिंग नीति (नेल्प) के 8वें दौर में तेल एवं गैस के 70 ब्लॉकों की विशालतम नीलामी की पेशकश की गई।
सरकार को उम्मीद है कि इन ब्लॉकों में 3 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश हो सकता है। हालांकि मंदी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की वजह से दुनियाभर की ऊर्जा कंपनियां निवेश में कटौती कर रही हैं। ऐसे में नेल्प 8 के अलावा सरकार ने कोयला क्षेत्रों के नीचे स्थित 10 ब्लॉकों से गैस खनन के लिए भी पेशकश की है।
पेट्रोलियम सचिव आर. एस. पांडे ने कहा कि हम नेल्प के 8वें दौर की नीलामी में 24 गहरे समुद्रीय ब्लॉकों, 28 उथले जल ब्लॉकों और 18 ऑनलैंड ब्लॉकों की पेशकश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोल बेड मीथेन के चौथे दौर एवं नेल्प के 8वें दौर की नीलामी 10 अगस्त को बंद होगी।
एशिया में ऊर्जा की खपत वाले तीसरे विशालतम देश भारत ने अपने तेल आयात में कटौती करने की योजना बनाई है। भारत ने नेल्प के 7वें दौर के अंतर्गत अब तक 203 ब्लॉक आवंटित किए हैं, जिसमें उत्खनन खर्च में 11 अरब डॉलर से अधिक का अनुमान है। पिछली नीलामी में इसमें से बीएचपी बिल्टन और ओएनजीसी समेत 44 कंपनियों को तेल एवं गैस ब्लॉक आवंटित किए थे।
इसके अलावा, सीबीएम के तीन दौर में 23 ब्लॉक आवंटित किए गए थे। उल्लेखनीय है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज को 1999 में नेल्प 1 दौर में केजी-डी6 ब्लॉक का आवंटन हुआ था, जिसमें पिछले सप्ताह ही गैस उत्पादन शुरू किया। इससे नई नीलामी को लेकर कंपनियों में उत्साह देखा जा सकता है।