चिकने-चुपड़े रहने के आदी अमेरिकियों के चेहरे पर भी मंदी ने असर डाल दिया है। वित्तीय संकट के इस दौर में आम अमेरिकी चेहरों पर दाढ़ी नजर आने लगी है।
खास तौर पर बेरोजगार पुरुष तो हजामत करवाने से परहेज कर रहे हैं और दाढ़ी के साथ घूम रहे हैं।प्रमुख पत्रिका वाल स्ट्रीट जर्नल इसे आजादी का चेहरा बताती है।
उसके मुताबिक बेरोजगार लोग हजामत नहीं करवा रहे हैं और उनके चिकने चेहरे अब दाढ़ी की वजह से खुरदरे नजर आने लगे हैं।
मैनहटन हेज फंड से नौकरी गंवाने वाले जॉर्र्ज हेंडरिक्सन ने अखबार को बताया कि अब हजामत उन्होंने बंद कर दी है। यह बात दीगर है कि नौकरी जाने के बाद वह अपनी जीवन शैली में बदलाव ला रहे हैं।
पत्रिका ने नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अल गोर का जिक्र किया है, जिन्होंने 2000 में राष्ट्रपति पद का चुनाव हारने के बाद दाढ़ी बढ़ा ली थी।