कोविड-19 वैश्विक महामारी एवं अन्य व्यवधानों से भारत में दोपहिया वाहन बाजार को झटका लगा है लेकिन बजाज ऑटो का मानना है कि सुपर प्रीमियम मोटरसाइकिल बाजार की दमदार रफ्तार फिलहाल जारी रहेगी। कंपनी के लिए इस श्रेणी में काफी लचीलापन दिखाया है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि इस श्रेणी में दो अंकों में दो अंकों में वृद्धि जारी रहेगी। बजाज ऑटो के कार्यकारी निदेशक राकेश शर्मा ने कहा, ‘इस साल अब तक हमारे सुपर प्रीमियम पोर्टफोलियो (डोमिनार, केटीएम, ई-चेतक और हस्कवर्ना) काफी लचीला साबित हुआ है और सालाना आधार पर इसने 24 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है।’ यह बजाज ऑटो के कुल मोटरसाइकिल कारोबार के मुकाबले काफी अधिक है। कंपनी के कुल मोटरसाइकिल कारोबार में इस दौरान 21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित बाजारों में भी इस श्रेणी ने कोविड के दौर में दमदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, ‘हमें विश्वास है कि इस श्रेणी में दो अंकों की वृद्धि अभी बरकरार रहेगी।’
पुणे की इस कंपनी ने आगे जबरदस्त संभावनाओं को देखते हुए कहा कि वह पुणे के समीप चाकण में एक नए संयंत्र में 650 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। सालाना 10 लाख वाहनों के उत्पादन की क्षमता के साथ यह संयंत्र सुपर प्रीमियम ब्रांडों का उत्पादन करेगा, जिसमें केटीएम, ट्रायंफ, हस्कवर्ना और ई-चेतक शामिल हैं। यह संयंत्र 2022-23 की दूसरी छमाही में चालू हो जाएगी। चाकण में बजाज की मौजूदा संयंत्र में भी इन मॉडलों का उत्पादन होता है जिसकी सालाना क्षमता 12 लाख वाहन की है। बजाज के औरंगाबाद और चाकण संयंत्र में उत्पादित हरेक दो में से एक मोटरसाइकिल का निर्यात किया जाता है। इसमें चाकण संयंत्र में महंगी बाइक के 30 मॉडलों का उत्पादन होता है। इन मॉडलों का निर्यात 70 देशों को किया जाता है जिसमें जापान और अमेरिका जैसे परिपक्व बाजार भी शामिल हैं।
शर्मा ने कहा, ‘मौजूदा क्षमता जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी। यदि आप निर्यात एवं घरेलू बाजार की मांग में सीजनल प्रभाव और इलेक्ट्रिक दोपहिया पोर्टफोलियो की मांग पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि हमें क्षमता बढ़ाने की जरूरत है।’ लेकिन कुल मिलाकर घरेलू बाजार में बिक्री की प्रवृत्ति के मद्देनजर कुछ चिंता दिख रही है। उन्होंने कहा कि दिसंबर में खुदरा बिक्री पिछले साल के करीब पहुंच चुकी है लेकिन अंतर्निहित मांग कमजोर बनी हुई है। ऐसा कमजोर आधार पर दिखा है और 2019-20 में घरेलू बाजार में खुदरा बिक्री 18 से 20 फीसदी घट गई।
शर्मा ने कहा, ‘भले ही हम उद्योग के तौर पर पिछले साल के स्तर के करीब पहुंच गए हैं लेकिन हम अभी भी 2013-14 के स्तर पर रहेंगे। इससे गिरावट की गंभीरता का पता चलता है। हमें 2018-19 के स्तर पर लौटने में कम से कम तीन साल लगेंगे।’ इसके लिए कुछ हद तक कोविड और कुछ हद तक नियामकीय नीति में बदलाव जिम्मेदार है। जहां तक निर्यात का सवाल है तो समेकित आधार पर कंपनी के अधिकतर बाजार कोविड पूर्व स्तर के मुकाबले 80 से 85 फीसदी तक पहुंच चुका है। इन बाजारों में लैटिन अमेरिका, दक्षिण पूर्व एशियाई देश शामिल हैं। अतिरिक्त स्टॉक खत्म हो चुका है और नया स्टॉक तैयार किया जा रहा है। बजाज को आगामी महीनों में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के दौरान 20 लाख से अधिक वाहनों का निर्यात होने की उम्मीद है। बजाज ऑटो का शेयर गुरुवार को बीएसई पर 1.99 फीसदी की बढ़त के साथ 3,372.55 रुपये पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.14 फीसदी बढ़कर 46,973 अंक पर बंद हुआ।