देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस टेक्नोलॉजिज ने स्वीकार किया है कि मंदी उसे भी प्रभावित कर रही है। कंपनी ने पहली बार घटती प्रति शेयर आमदनी के चलते पहली बार दिशा-सूचक (गाइडेंस)जारी किए हैं।
कंपनी से जुड़े विभिन्न मसलों पर सीईओ और प्रबंध निदेशक एस. गोपालकृष्णन से बिभु रंजन मिश्र और रवि मेनन ने बात की। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश :
पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में आपने पहली बार दिशा-सूचक जारी किए । क्यों?
हां, कंपनी की शुरुआत से पहली बार हमें निम् प्रति शेयर आमदनी (ईपीएस) को लेकर दिशा-सूचक जारी करना पड़ा। फिलहाल बाजार में अनिश्चितता की स्थिति है। हालांकि ऐसी परिस्थितियों में भी हमने काफी बढ़िया प्रदर्शन किया।
इससे उबरने के कोई संकेत आप देख रहे हैं?
हम बेसब्री से मंदी से उबरने या बाजार के स्थिर होने का इंतजार कर रहे हैं। दुर्भाग्य से अभी आंकड़े बहुत स्पष्ट नहीं हैं। हमारे ग्राहकों को खर्च और आईटी बजट में अभी और कमी की उम्मीद है।
क्या आपके ग्राहकों ने अपना बजट तय कर लिया है?
अब से करीब 4 हफ्ते पहले ही करीब 61 फीसदी ग्राहकों ने अपना बजट तैयार कर लिया। अब तो यह आंकड़ा 70 फीसदी तक पहुंच गया होगा। दुर्भाग्य से इनमें से कई ने बताया कि उन्होंने अपना बजट इस साल घटाया है।
इसका मतलब कि सबसे खराब वक्त अभी आने वाला है?
अभी यह अनिश्चित है। फिलहाल पहली तिमाही तो काफी चुनौतीपूर्ण है। हो सकता है इसके बाद कुछ सुधार हो।