बीएस बातचीत
आदित्य बिड़ला नूवो के साथ वित्तीय सेवा व्यवसाय को अलग करने के तीन साल बाद कंपनी द्वारा दर्ज की जा रही प्रगति को लेकर आदित्य बिड़ला कैपिटल (एबीसीएल) के मुख्य कार्याधिकारी अजय श्रीनिवासन उत्साहित हैं। उन्होंने हंसिनी कार्तिक को बताया कि समूह शेयरधारकों के फायदे के लिए वैल्यू पर ध्यान केंद्रित करेगा। पेश है उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश:
आदित्य बिड़ला कैपिटल को सूचीबद्घ हुए तीन साल बीत गए हैं। कंपनी की यात्रा कैसी रही है?
हमने सुरक्षा, निवेश और वित्त सेगमेंटों में ग्राहक-केंद्रित कंपनियों पर ध्यान दिया है। हमारी ऋण बुक वित्त वर्ष 2017 के 38,839 करोड़ रुपये से बढ़कर 57,522 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। जहां हम डिजाइन को लेकर विविधीकृत बने हुए हैं, वहीं हमारा मुख्य जोर अपना रिटेल और एसएमई ऋण मिश्रण बढ़ाने पर रहा है, जो वित्त वर्ष 2017 के 41 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में 60 प्रतिशत पर पहुंच गया। हमारी म्युचुअल फंड इकाई में, एयूएम में इजाफा होने से हम सबसे बड़े गैर-बैंक एएमसी बन गए हैं।
थोक बिक्री उधारी पोर्टफोलियो में कमी लाने के काफी प्रयास हुए हैं। आगामी संभावनाएं क्या हैं?
वर्ष 2018 से, हमने अपनी ऋण बुक के प्रतिशत के तौर पर न सिर्फ अपने थोक बिक्री पोर्टफोलियो का आकार बदला है बल्कि अपना संकेंद्रण अनुपात भी घटाया है। हम सभी पोर्टफोलियो में विकास के अवसर तलाश रहे हैं और हमारा फोकस ऐसे सेगमेंटों और सौदों पर रहेगा जो हमें अपेक्षित जोखिम-प्रतिफल कारोबार दिला सकें। हम आगामी वर्षों में रिटेल और एसएमई में विकास के अवसर देख रहे हैं, जिसका मतलब होगा कि थोक बिक्री पोर्टफोलियो का अनुपात और नीचे आएगा।
बढ़ती प्रतिस्पर्धा और परिसंपत्ति गुणवत्ता को देखते हुए किफायती आवास के लिए क्या रणनीति है?
हमारा आवास वित्त व्यवसाय काफी हद तक खुदरा व्यवसाय है और दिसंबर तक महज 4 प्रतिशत का थोक बिक्री डेवलपर वित्त व्यवसाय दर्ज किया गया। इसमें, हमारा मकसद अफॉर्डेबल ऋण बुक को बढ़ाना है। हमने वित्त वर्ष 2024 तक अपने बहीखाते में किफायती सेगमेंट की भागीदारी 60-65 प्रतिशत पहुंचाने की योजना बनाई है। हमारी विकास रणनीति भौगोलिक उपस्थिति बढ़ाने के साथ साथ भागीदारियां तलाशने की भी है।
आदित्य बिड़ला समूह कुछ साल पहले बैंकिंग को लेकर उत्साहित था। क्या आप अभी भी समान अवसर तलाशेंगे?
हमने वर्ष 2012 में बैंकिंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। आरबीआई ने हाल में इस क्षेत्र (कॉरपोरेट घरानों का संभावित प्रवेश भी शामिल) में स्वामित्व पर नजर रखने के लिए एक कार्य समूह बनाया है। इस संबंध में दिशा-निर्देशों की घोषणा की जानी बाकी है। हमारा मानना है कि हमें अर्थव्यवस्था के विकास को देखते हुए बैंकिंग उद्योग में और ज्यादा पूंजी लगाने की जरूरत है। लेकिन सवाल यह है कि यह पूंजी कहां से आएगी। चूंकि हमारे पास कुछ बड़े कॉरपोरेट स्वामित्व वाले एनबीएफसी हैं जिन्होंने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया है और उन्हें बैंकों में तब्दील करने कीी अनुमति देने का विकल्प हो सकता है।
क्या एबी कैपिटल के तहत कई सहायक इकाइयों के साथ, निवेशक आने वाले वर्षों में वैल्यू सृजन पर ध्यान दे सकते हैं?
एबीसीएल एक सूचीबद्घ होल्डिंग कंपनी के तहत आकर्षक और तेजी से बढ़ रहे व्यवसायों वाला एक विशेष वित्तीय घराना है। इस ढांचे ने हमें कई लाभ दिए हैं। यदि हमारा बोर्ड महसूस करता है कि बाजार वैल्यू हमारे अनुमानों के अनुरूप नहीं है तो वह शेयरधारक वैल्यू बढ़ाने के तरीके तलाशेगा। हाल में हमारे बोर्ड ने आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी लिमिटेड को आईपीओ के संबंध में सैद्घांतिक मंजूरी दी है।