अदाणी ने खरीदी एसबी एनर्जी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 4:41 AM IST

अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीआईएल) ने 3.5 अरब डॉलर (25,574 करोड़ रुपये) में एसबी एनर्जी का कारोबार खरीद लिया है। इसे देश के अक्षय ऊर्जा क्षेत्र के सबसे बड़े सौदों में से एक माना जा रहा है। एसबी एनर्जी इंडिया सॉफ्टबैंक समूह और भारती एंटरप्राइजेज की संयुक्त उद्यम है, जो इस सौदे के साथ ही भारतीय बाजार से बाहर हो जाएगी।
उद्योग सूत्रों ने कहा कि एसबी एनर्जी अब भारत में किसी भी परियोजना की निविदा में हिस्सा नहीं लेगी। अधिकारियों ने कहा कि एसबी एनर्जी करीब दो साल से अपना कारोबार बेचने का विचार कर रही थी। उसने कई बार भारत सरकार से डॉलर में शुल्क तय करने और एक सााि बड़ी क्षमता आवंटित करने का अनुरोध किया था, लेकिन उसकी बात नहीं मानी गई। एसबी एनर्जी के पास कुल 4,954 मेगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं हैं। इनमें 4,180 मेगावाट सौर ऊर्जा, 324 मेगावाट पवन ऊर्जा और 450 मेगावाट पवन-सौर मिश्रित परियोजनाएं हैं।
एजीईएल ने एक सार्वजनिक बयान में कहा कि इस अधिग्रहण से कंपनी की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 24.3 गीगावाट हो जाएगी, जिसमें से 4.9 गीगावाट क्षमता काम कर रही होगी। एजीईएल ने सॉफ्टबैंक बैंक समूह और भारती समूह से एसबी एनर्जी इंडिया में 100 फीसदी हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए शेयर खरीद समझौता किया है। एसबी एनर्जी में सॉफ्टबैंक का 80 फीसदी और भारती समूह का 20 फीसदी हिस्सा है। इससे पहले ऐसा बड़ा सौदा 2016 में हुआ था, जब टाटा पावर ने करीब 10,000 करोड़ रुपये में वेलस्पन एनर्जी की नवीकरणीय ऊर्जा परिसंपत्तियों का अधिग्रहण किया था। एसबी एनर्जी के एनटीपीसी जैसी कंपनियों के साथ 25 साल के बिजली खरीद समझौते हैं।
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, ‘यह अधिग्रहण जनवरी, 2020 में बताए हमारे लक्ष्य की दिशा में ही एक और कदम है। हमारी योजना 2025 तक दुनिया की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा कंपनी बनने और 2030 तक दुनिया की सबसे बड़ी अक्षय ऊर्जा कंपनी बनने की है। हम तय मियाद से चार साल पहले ही अपना सौर पोर्टफोलियो लक्ष्य हासिल करने के लिए सही रास्ते पर बढ़ रहे हैं।’
 

First Published : May 19, 2021 | 10:54 PM IST