सोने की कीमतें शुक्रवार को बढ़ गई लेकिन पांच हफ्तों की लगातार बढ़त के बाद इस हफ्ते इसमें पहली बार गिरावट देखने को मिल सकती है। इसकी वजह यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध के कारण महंगाई को लेकर चिंताएं बरकरार हैं।
हाजिर सोना 0.3 फीसदी बढ़कर 4,704.63 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जो 13 अप्रैल के बाद इसका सबसे निचला स्तर है। इस हफ्ते अब तक इसमें लगभग 2.5 फीसदी की गिरावट आई है। जून डिलिवरी के लिए अमेरिकी सोना वायदा 0.1 फीसदी बढ़कर 4,721.10 डॉलर पर पहुंच गया।
यूबीएस के विश्लेषक जियोवानी स्टौनवो ने कहा, पिछले दिनों की तरह सोने की चाल तेल की कीमतों से जुड़ी हुई है। तेल की कीमतें पहले 2 फीसदी बढ़ीं, अब 1 फीसदी नीचे आ गई हैं और ऐसा लगता है कि इसका संबंध ईरान और अमेरिका के बीच संभावित रूप से फिर से शुरू होने वाली बातचीत से है।
एक सूत्र ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची के शुक्रवार रात इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद है और अमेरिका के साथ शांति वार्ता होने की संभावना है। शुक्रवार को तेल की कीमतें नकारात्मक हो गईं, ब्रेंट लगभग 104 डॉलर प्रति बैरल पर रहा, लेकिन फिर भी इस सप्ताह 16 फीसदी की बढ़त की ओर अग्रसर है।
कच्चे तेल की ज्यादा कीमतें महंगाई बढ़ा सकती हैं, जिससे ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।