लेखक : आतिरा वारियर

आज का अखबार, कंपनियां, समाचार

Gen Z और Tier-2, Tier-3 शहरों ने बढ़ाई Credit Card कंपनियों की उम्मीदें

देश में क्रेडिट कार्ड बाजार में एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। ट्रांसयूनियन सिबिल की एक रिपोर्ट से इसका अंदाजा आराम से लगाया जा सकता है। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पहली बार क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल शुरू करने वालों में आधे ‘जेनरेशन जेड’ (जेन-ज़ी) यानी नई एवं डिजिटल पीढ़ी से हैं और […]

आज का अखबार, वित्त-बीमा

मई में NBFC के लोन में जोरदार उछाल, गोल्ड और रीयल एस्टेट ऋण ने पकड़ी रफ्तार

गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के मई के बही खाते में स्वर्ण आभूषण और कमर्शियल रीयल एस्टेट (सीआरई) के ऋण में उछाल आया। इन क्षेत्रों में ऋण की वृद्धि सालाना आधार पर 14.2 प्रतिशत से अधिक रही। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार एनबीएफसी की ऋण वृद्धि को खुदरा ऋण और कृषि क्षेत्र के […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

इफ्को-टोक्यो की तर्ज पर देश में जल्द बनेगी सहकारी जीवन बीमा कंपनी, अमित शाह ने किया ऐलान

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज घोषणा की कि सरकार जल्द ही एक सहकारी जीवन बीमा कंपनी को बढ़ावा देने में मदद करेगी और ‘भारत टैक्सी’ की तर्ज पर यूटिलिटी एग्रीगेटर के लिए सहकारी संस्था गठित करने में भी सहायता प्रदान करेगी। सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी में […]

बीमा, वित्त-बीमा

Yes Bank का ₹16,000 करोड़ जुटाने का प्लान, बोर्ड ने इक्विटी और डेट इश्यू को दी मंजूरी

यस बैंक के निदेशक मंडल ने सोमवार को इक्विटी और डेट सिक्योरिटीज के मिश्रण के जरिए 16,000 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। बैंक ने इसकी जानकारी शेयर बाजारों को दी। इक्विटी इश्यू से ₹7,500 करोड़ जुटेंगे बोर्ड ने अलग-अलग मंजूर तरीकों से योग्य इक्विटी सिक्योरिटीज जारी करके 7,500 करोड़ रुपये तक […]

आज का अखबार, बैंक

Credit Card Market: नए कार्ड जारी करने में SBI Card रहा नंबर-1, मई में जोड़े रिकॉर्ड 1.81 लाख ग्राहक

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार मई महीने में प्रमुख क्रेडिट कार्ड जारीकर्ताओं में एसबीआई कार्ड ने सबसे अधिक नए क्रेडिट कार्ड जोड़े, जिसमें 1,81,851 कार्डों का शुद्ध इजाफा हुआ। इसके साथ ही एसबीआई कार्ड के कुल कार्डों की संख्या बढ़कर लगभग 2.24 करोड़ हो गई है। इस माह के दौरान कार्ड उद्योग […]

आज का अखबार, बीमा, वित्त-बीमा

वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी जीवन बीमा की मांग मजबूत रहेगी, HDFC Life चेयरमैन केकी मिस्त्री का भरोसा

वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस के चेयरमैन केकी मिस्त्री ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा अनुकूल जनसांख्यिकी, बढ़ती जागरूकता और दीर्घकालिक वित्तीय नियोजन की आवश्यकता के कारण वित्त वर्ष 2027 में जीवन बीमा पॉलिसियों की मांग बने […]

आज का अखबार, कंपनियां, बीमा

सरकारी बीमा कंपनियों के लिए नया परफॉर्मेंस इंडिकेटर तय, दावा निपटान अनुपात पर अब ज्यादा फोकस

सरकार ने वित्त वर्ष 2027 के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों के लिए उद्यम-स्तरीय प्रमुख प्रदर्शन संकेतक तैयार किया है। इसमें पांच वर्षों में 85 प्रतिशत के दावा निपटान अनुपात (आईसीआर) का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसकी तुलना उद्योग के 82.9 प्रतिशत के आईसीआर से की जाती है जबकि चार सार्वजनिक क्षेत्र […]

आज का अखबार, बीमा, वित्त-बीमा

बैंकएश्योरेंस पर निर्भरता घटाने को एजेंसी नेटवर्क मजबूत कर रहीं निजी जीवन बीमा कंपनियां

निजी जीवन बीमा कंपनियां वितरण में विविधता लाने के लिए अपने एजेंसी नेटवर्क में निवेश बढ़ा रही हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वे बैंकएश्योरेंस पर निर्भरता कम करना चाहती हैं और ग्राहकों तक अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती हैं। एजेंसी चैनल पर नया ध्यान बैंकएश्योरेंस के माध्यम से गलत बिक्री को लेकर बढ़ती चिंताओं और बैंक-प्रेरित बीमा […]

बाजार, बीमा, वित्त-बीमा, शेयर बाजार

NSE IPO: सरकारी बीमा कंपनियों की चांदी, 32 पैसे में खरीदे शेयर अब देंगे हजारों करोड़; पर सॉल्वेंसी संकट बरकरार

NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के 30,000 करोड़ रुपये के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा शेयरों की प्रस्तावित बिक्री से उन्हें काफी फायदा होगा और उनकी बैलेंस शीट को एक बार के लिए मजबूती मिलेगी। हालांकि, इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि इससे मिलने वाली रकम से आर्थिक […]

आज का अखबार, वित्त-बीमा

मिडिल ईस्ट में जंग का साया, फिर भी भारत में डॉलर की बरसात! विदेशों से रिकॉर्ड पैसा भेज रहे प्रवासी

पश्चिम एशिया संकट के बावजूद विदेश में रह भारतीय देश में जमकर धन भेज रहे हैं। खाड़ी क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बाधित होने के बावजूद  एहतियाती तौर पर धन भेजे जाने के कारण आवक मजबूत बनी रही। बैंकरों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने पर वृद्धि की रफ्तार नरम पड़ सकती है लेकिन […]