लेखक : आतिरा वारियर

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

दुनिया भर में बढ़ा भारतीय कंपनियों का दबदबा, जनवरी में विदेश में प्रत्यक्ष निवेश $3.42 अरब के पार

भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक भारत का विदेश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) जनवरी 2026 में मामूली बढ़कर 3.42 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल समान महीने में 3.44 अरब डॉलर था। वहीं क्रमिक आधार पर यह दिसंबर 2025 के 4.07 अरब डॉलर की तुलना में यह कम है।  विदेश में एफडीआई […]

आज का अखबार, वित्त-बीमा

बैंकों में ₹85,000 करोड़ बिना किसी दावे के: दिसंबर में ₹1,043 करोड़ बांटे, ऐसे पाएं अपना फंसा हुआ पैसा

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि बिना दावे वाली बैंक जमा राशि हासिल करने की प्र​क्रिया को प्रोत्साहित करने के लिए चलाए गए उसके अभियानों और प्रोत्साहन के कारण, ग्राहकों का मासिक भुगतान दिसंबर में बढ़कर 1,043 करोड़ रुपये हो गया है जबकि पहले यह मासिक भुगतान औसतन 100-200 करोड़ रुपये था। […]

आज का अखबार, वित्त-बीमा

सोने की कीमतों में उछाल से बढ़ा गोल्ड लोन का ग्राफ, RBI ने कहा: एसेट क्वालिटी पर कोई खतरा नहीं

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि बैंकों ने असुरक्षित ऋणों से हटकर सोने को गिरवी रखकर कर्ज देने की ओर रुख किया है। इसकी वजह से गोल्ड लोन में तेजी आई है। बहरहाल इस समय की बैंकिंग व्यवस्था में यह वृद्धि चिंता का कारण नहीं है।  रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा […]

आज का अखबार, कंपनियां, समाचार

जमीन से आमदनी बढ़ाने की कवायद में LIC, मुनाफा 17% बढ़कर ₹12,958 करोड़ रहा

सरकारी जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) अपनी रियल एस्टेट संपत्तियों से कमाई करने की कवायद में है, जिससे कंपनी के पॉलिसीधारकों को बेहतर रिटर्न दिया जा सके। देश के कई महंगे इलाकों में एलआईसी की जमीनें हैं। बहरहाल कंपनी इन संपत्तियों को बेचकर धन जुटाने पर विचार नहीं कर रही है। कंपनी […]

आज का अखबार, बीमा, वित्त-बीमा

निजी जीवन बीमाकर्ताओं के क्रेडिट लाइफ कारोबार में सुधार, माइक्रोफाइनेंस दबाव घटने से दिखी तेजी

निजी जीवन बीमाकर्ताओं को अपने क्रेडिट लाइफ कारोबार में सुधार के शुरुआती संकेत देख रहे हैं। इसका कारण यह है कि वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में ऋणदाताओं का वितरण माइक्रोफाइनैंस क्षेत्र में बढ़ गया है और इस क्षेत्र में दबाव सामान्य होने की ओर बढ़ रहा है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंधन […]

आज का अखबार, कंपनियां, बीमा, समाचार

Q3 में SBI Life को ₹577 करोड़ का मुनाफा- लेकिन चिंता क्यों?

एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने वित्तीय वर्ष 26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही) में लगभग 5 प्रतिशत सालाना की वृद्धि के साथ 577 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ बुधवार को दर्ज किया। यह खर्चों की वृद्धि से प्रभावित हुआ जबकि प्रीमियम आय जबरदस्त ढंग से बढ़ी। वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही […]

आज का अखबार, बीमा, वित्त-बीमा

प्रामेरिका लाइफ को खरीदेगा कौन? हिस्सेदारी बेचने के लिए तैयार प्रमोटर

प्रामेरिका लाइफ इंश्योरेंस के प्रमोटरों ने अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने के लिए कई जीवन बीमा कंपनियों से संपर्क साथा है। यह पीरामल फाइनैंस की इकाई और प्रूडेंशियल इंटरनैशनल इंश्योरेंस होल्डिंग्स लिमिटेड के बीच एक संयुक्त उद्यम है। मामले से जुड़े कई सूत्रों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को यह जानकारी दी है। नए बिजनेस प्रीमियम कलेक्शन के […]

ताजा खबरें, बजट, बीमा

Budget 2026 से इंश्योरेंस सेक्टर को टैक्स में राहत की उम्मीद, पॉलिसीधारकों को मिल सकता है सीधा फायदा!

GST में बदलाव के बाद अब इंश्योरेंस सेक्टर की नजरें आने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 पर टिकी हैं। कंपनियां चाहती हैं कि सरकार लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पर इनकम टैक्स के फायदे बढ़ाए। दोनों टैक्स सिस्टम में प्रोटेक्शन और हेल्थ प्लान्स के लिए ज्यादा छूट मिले, पेंशन स्कीम्स को और मजबूत सपोर्ट दिया जाए। साथ […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, समाचार

NRI धन में तेज गिरावट, क्या रुपये की चिंता वजह है?

विदेश में रहने वाले भारतीयों द्वारा भेजे गए धन में तेज गिरावट आई है। अप्रैल-नवंबर 2025 के दौरान प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) द्वारा जमा किया गया धन 26.56 प्रतिशत गिरकर 9.2 अरब डॉलर रह गया है, जो 2024 की समान अवधि में 12.55 अरब डॉलर था। नवंबर 2025 के आखिर तक कुल एनआरआई जमा 168.23 अरब […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, समाचार

नवंबर में क्यों सूख गया विदेश भेजा जाने वाला पैसा? RBI डेटा ने खोली परत

भारतीय रिजर्व बैंक की उदारीकृत धनप्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत विदेश भेजा गया धन नवंबर में गिरकर वित्त वर्ष 2025-26 के निचले स्तर पर पहुंच गया। सालाना आधार पर इसमें 0.47 प्रतिशत की गिरावट आई है और यह 1.94 अरब डॉलर रहा, जबकि एक साल पहले 1.95 अरब डॉलर था। विदेश यात्रा और शिक्षा से […]