तिमाही के दौरान रेंज रोवर, रेंज रोवर स्पोर्ट और डिफेंडर ने मिलकर कंपनी की खुदरा बिक्री में 85 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी की।
जैगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) इंडिया ने किसी भी पहली तिमाही की अपनी सबसे ज्यादा खुदरा बिक्री दर्ज की। उसके प्रीमियम एसयूवी पोर्टफोलियो की लगातार बरकरार मांग और भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के बाद महंगे मॉडलों में बढ़ती दिलचस्पी से इस बिक्री को बढ़ावा मिला।
कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही (वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही) में 1,665 गाड़िया बेचीं। सालाना आधार पर इसमें 11 प्रतिशत का इजाफा हुआ। साथ ही डीलरों को भेजी गई थोक खेप 4 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1,694 गाड़ियों तक पहुंच गई। तिमाही के दौरान रेंज रोवर, रेंज रोवर स्पोर्ट और डिफेंडर ने मिलकर कंपनी की खुदरा बिक्री में 85 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी की। यह लक्जरी एसयूवी की बढ़ती मांग को दर्शाती है। डिफेंडर जेएलआर इंडिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला मॉडल बना रहा।
भारत-ब्रिटेन एफटीए लागू होने के बाद जेएलआर इंडिया ने तिमाही के दौरान रेंज रोवर एसवी और रेंज रोवर स्पोर्ट एसवी की कीमतों में संशोधन किया। इसके तहत ग्राहकों को मॉडल के आधार पर 75 लाख रुपये तक का लाभ मिला। कंपनी का कहना है कि इस कदम से उसके एसवी मॉडलों के लिए ग्राहकों की पूछताछ में वृद्धि हुई है और कस्टमाइज्ड वाहनों की मांग बढ़ी है।
भारत-ब्रिटेन एफटीए पर इस महीने की शुरुआत में हस्ताक्षर किए गए थे। इसके तहत ब्रिटेन में निर्मित वाहनों पर आयात शुल्क धीरे-धीरे कम किया जाएगा। इससे जेएलआर जैसे लक्जरी कार कंपनियों को फायदा होगा, क्योंकि आयातित मॉडल भारत में अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध होंगे।
कंपनी उन पहले लक्जरी कार विनिर्माताओं में से एक है जिन्होंने व्यापार समझौते का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाया है। कीमतों में इस कटौती से उसके हाई-एंड मॉडलों की मांग को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
जेएलआर इंडिया के प्रबंध निदेशक राजन अंबा ने कहा, ‘हमने किसी भी पहली तिमाही में खुदरा बिक्री के अब तक के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन के साथ वित्त वर्ष 27 की मज़बूत शुरुआत की है। रेंज रोवर, रेंज रोवर स्पोर्ट और डिफेंडर की मांग लगातार बढ़ रही है और भारत-ब्रिटेन एफटीए के बाद हम एसवी और बिस्पोक में भी लोगों की बढ़ती दिलचस्पी देख रहे हैं।’