टेक-ऑटो

‘AI अपनाओ, भले कमाई क्यों न घट जाए’, TCS ने अपने कर्मचारियों से कहा: इससे घबराने की जरूरत नहीं

TCS के CEO ने कहा कि हम बिल्कुल नहीं डरते कि यह टेक्नोलॉजी हमारी नौकरी छीन लेगी, उल्टा, हम मानते हैं कि इससे और ज्यादा अवसर आएंगे

Published by
शिवानी शिंदे   
Last Updated- February 25, 2026 | 4:42 PM IST

भारत की सबसे बड़ी IT सर्विस कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अपने कर्मचारियों को खुलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल करने के लिए कहा है। कंपनी का साफ मानना है कि AI से डरने की कोई बात नहीं, बल्कि इसे अपनाने से नए-नए मौके मिलेंगे।

TCS के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर के. कृतिवासन ने मुंबई में हुए नासकॉम टेक्नोलॉजी लीडरशिप फोरम के 34वें संस्करण में एक पैनल डिस्कशन के दौरान यह बात रखी। उन्होंने कहा, “हम बिल्कुल नहीं डरते कि यह टेक्नोलॉजी हमारी नौकरी छीन लेगी। उल्टा, हम मानते हैं कि इससे और ज्यादा अवसर आएंगे। जितना ज्यादा आप AI का इस्तेमाल करेंगे, उतना ज्यादा फायदा आपको मिलेगा। बदलाव का विरोध करने से कुछ हासिल नहीं होगा।”

Also Read: सिर्फ इकोनॉमिक ग्रोथ काफी नहीं, ह्यूमन डेवलपमेंट पर भी फोकस जरुरी: BS मंथन में बोले अमिताभ कांत

क्लाइंट को बताओ, भले रेवेन्यू कैनिबलाइज हो: CEO

कृतिवासन ने बताया कि कंपनी अपने कर्मचारियों यानी एसोसिएट्स को स्पष्ट निर्देश दे रही है कि अगर कोई काम AI से तेज, बेहतर और सस्ते में हो सकता है, तो क्लाइंट को यह बात जरूर बताओ। भले ही इससे कंपनी की मौजूदा कमाई वाले हिस्से पर असर पड़े। उन्होंने इसे ‘कैनिबलाइजिंग रेवेन्यू स्ट्रीम्स’ कहा, यानी कंपनी की कुछ इनकम आने वाले रास्तों को खुद प्रभावित करना।

हाल ही में TCS ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के नतीजों में घोषणा की थी कि कंपनी का लक्ष्य दुनिया की सबसे बड़ी AI आधारित टेक्नोलॉजी सर्विस कंपनी बनना है। कृतिवासन के अनुसार, इस मकसद को पूरा करने के लिए पूरी कंपनी में AI की समझ बहुत जरूरी है। 

उन्होंने कहा, “हम AI फ्लुएंसी यानी AI में पारंगत बनाने पर जोर दे रहे हैं। एसोसिएट्स को इस टेक्नोलॉजी से डर नहीं लगना चाहिए। सभी को इतना एक्सेस मिल रहा है कि वे इसे आजमा सकें, खेल सकें और समझ सकें।”

उन्होंने यह भी कहा कि बदलाव की शुरुआत टॉप लेवल से होनी चाहिए। “सबसे महत्वपूर्ण है सीनियर मैनेजमेंट को ट्रेन करना। जूनियर लेवल के लोग टेक्नोलॉजी में ज्यादा सहज और कुशल होते हैं। लेकिन सीनियर होने पर लोग सिर्फ सुनते हैं, खुद हाथ नहीं आजमाते। हम हर सीनियर से कह रहे हैं कि उन्हें कुछ न कुछ खुद बनाना होगा।”

इंसेंटिव की बात पर कृतिवासन ने कहा, “हमें सच में इंसेंटिव देने की जरूरत नहीं पड़ रही क्योंकि हर कोई इस टेक्नोलॉजी को सीखना चाहता है। हमें बस दो बातें करनी हैं: एक, उन्हें सीखने का पूरा मौका देना, और दूसरा, उन्हें प्रोत्साहित करना कि क्लाइंट को दिया जाने वाला सॉल्यूशन AI फर्स्ट हो, भले ही इससे हमारी मौजूदा डिलीवरी का कुछ हिस्सा प्रभावित हो। इससे हम उन्हें इस नए दौर में सही तरीके से आगे बढ़ने में मदद कर रहे हैं।”

First Published : February 25, 2026 | 4:42 PM IST