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बिज़नेस स्टैंडर्ड

इंडियन बैंक भी जुड़ेगा सीबीएस से

चेन्नई स्थित सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक 'इंडियन बैंक' अपनी सभी शाखाओं को कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (सीबीएस) से जोड़ने की तैयारी में है। इसके लिए बैंक करीब 150 करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जिसके तहत 436 ग्रामीण शाखाएं भी सीबीएस से…

Last Updated: दिसंबर 5, 2022 | 4:30 PM IST

चेन्नई स्थित सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक ‘इंडियन बैंक’ अपनी सभी शाखाओं को कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (सीबीएस) से जोड़ने की तैयारी में है। इसके लिए बैंक करीब 150 करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जिसके तहत 436 ग्रामीण शाखाएं भी सीबीएस से जुड़ जाएंगी।


इंडियन बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैंक की कुल 1,521 शाखाओं में से 1,502 को सीबीएस से जोड़ा जा चुका है। शेष 19 शाखाएं भी अगले दस दिन में सीबीएस से जुड़ जाएंगी।


उन्होंने बताया कि बैंक इस साल 100 नई शाखाएं भी खोलेगा और उन्हें भी सीबीएस से जोड़ा जाएगा।


बैंक को सीबीएस से जोड़ने के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) बैंकिंग सॉफ्टवेयर मुहैया कराएगी, जबकि आईबीएम और एचसीएल हार्डवेयर और देखरेख की जिम्मेदारी निभाएंगी।


बैंक के अधिकारी ने यह भी बताया कि जब सभी शाखाएं सीबीएस से जुड़ जाएंगी, तब हमारे करीब 2 करोड़ उपभोक्ता और 22,000


कर्मचारी भी बैंक के उपभोक्ता-कर्मचारी रॉल्स से जुड़ जाएंगे, चाहे वे देश के किसी भी शाखा से संबद्ध क्यों न हों।


जब बैंक सीबीएस से पूरी तरह जुड़ जाएगा, तब उपभोक्ताओं को काफी सुविधा होगी और वे देशभर की किसी भी शाखा से कभी भी पैसों का लेनदेन कर सकेंगे।


बैंक खुदरा और थोक, दोनों सेवाओं को सीबीएस के जरिए लागू करेगा। उल्लेखनीय है कि जमा, अग्रिम भुगतान और विप्रेषित धन खुदरा सेवाओं में आता है, जबकि आयात-निर्यात, विदेशी निवेश और गारंटी थोक सेवाओं के तहत आता है।


सीबीएस लागू होने से केंद्रीय स्तर पर नए उत्पादों के बारे में जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। उपभोक्ताओं को भी इससे लाभ होगा और वे बैंकिंग सुविधाओं का सुगमता से उपयोग कर सकेंगे।



 

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