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सीट बंटवारे को लेकर एमवीए नेताओं में मतभेद

महाविकास अघाड़ी (एमवीए) में टिकट बंटवारे को लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने विपक्षी गठबंधन में सीट बंटवारे में देरी पर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश नेताओं में निर्णय…

Aghadi leaders lashed out at Modi's apology, Uddhav Thackeray called the demolition of the statue an unforgivable crime, Sharad Pawar termed it corruption मोदी की माफी पर बरसे आघाडी नेता, उद्धव ठाकरे ने प्रतिमा ढहने को बताया अक्षम्य अपराध, शरद पवार ने करार दिया भ्रष्टाचार

**EDS: CORRECTS PARTY NAME** Mumbai: Shiv Sena (UBT) chief Uddhav Thackeray, Maharashtra Congress President Nana Patole and NCP (SP) chief Sharad Pawar during a Maha Vikas Aghadi (MVA) press conference, in Mumbai, Tuesday, April 9, 2024. (PTI Photo/Shashank Parade)(PTI04_09_2024_RPT063B)

Last Updated: अक्टूबर 18, 2024 | 7:36 PM IST

महाविकास अघाड़ी (एमवीए) में टिकट बंटवारे को लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने विपक्षी गठबंधन में सीट बंटवारे में देरी पर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश नेताओं में निर्णय लेने की क्षमता की कमी है।

राउत ने बताया कि एमवीए में 288 सीटों में से 200 पर सहमति बन गई है, लेकिन विदर्भ और मुंबई की सीटों पर अभी भी खींचतान जारी है। दूसरी ओर, महायुति गठबंधन जीत का भरोसा जता रहा है।

संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस के नेता बार-बार सूची दिल्ली भेजते हैं और फिर निर्णय लेने में देरी होती है। उन्होंने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और पार्टी प्रभारी रमेश चेन्निथला से बात की है और राहुल गांधी से भी चर्चा करने की योजना बनाई है।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि गठबंधन में सब ठीक है। कांग्रेस के महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने बताया कि उन 20-25 विधानसभा सीटों की सूची बनाई गई है, जिन पर एमवीए के तीनों घटक दल दावेदारी कर रहे हैं।

विदर्भ और मुंबई की सीटों पर खींचतान

विदर्भ में 62 विधानसभा सीटें हैं। पिछले चुनाव में शिवसेना और भाजपा गठबंधन ने यहां 27 सीटें जीती थीं।  भाजपा को 15 और शिवसेना को 12 सीट पर कामयाबी मिली थी। कांग्रेस को अकेले 29 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को पांच सीटें मिली थी। अजित पवार के बगावत के बाद भी विदर्भ के विधायक शरद पवार के साथ बने रहे। शिवसेना में विद्रोह के बाद चार विधायक एकनाथ शिंदे के साथ चले गए और 8 उद्धव ठाकरे के साथ बने रहे। अब पेंच पुराने नतीजों पर फंसा है।

उद्धव ठाकरे का दावा है कि 2019 में जीती गईं 12 सीटें शिवसेना को मिलनी चाहिए, लेकिन कांग्रेस इस पर राजी नहीं है।

मुंबई में भी सीटों को लेकर विवाद चल रहा है। शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने कहा कि मुंबई शिवसेना का गढ़ है, इसलिए हमें ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए। पिछले चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने मुंबई की 36 सीटों में से 31 पर जीत हासिल की थी।

मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप

एमवीए के नेताओं ने आरोप लगाया है कि आगामी चुनाव के लिए मतदाता सूची से विपक्षी दलों के समर्थकों के नाम हटाए जा रहे हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने स्वतंत्र चुनाव के लिए राज्य की पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला को हटाने की मांग की है।

महायुति को प्रचंड जीत का भरोसा

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विश्वास जताया है कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन आगामी विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करेगा। शिंदे ने कहा कि हरियाणा चुनाव के नतीजों ने सभी अनुमानों को गलत साबित कर दिया है।

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को होंगे, जबकि वोटों की गिनती 23 नवंबर को की जाएगी।

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