UPI से SIP करने पर लगेगा चार्ज? 15 अक्टूबर से बदल रहे नियम, निवेशकों पर कितना होगा असर
फंड हाउस
ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी
एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) वह कंपनी होती है जो निवेशकों से पैसा जुटाकर उसे अलग-अलग जगह निवेश करती है, जैसे शेयर, बॉन्ड, रियल एस्टेट, मास्टर लिमिटेड पार्टनरशिप और अन्य वित्तीय साधन। इसका मकसद निवेश किए गए पैसे को बढ़ाना होता है।
AMC बड़े निवेशकों (HNWI) के पोर्टफोलियो के साथ-साथ AMC हेज फंड और पेंशन फंड का भी प्रबंधन करती हैं। छोटे निवेशकों के लिए ये कंपनियां म्युचुअल फंड, इंडेक्स फंड और ETF जैसे निवेश विकल्प बनाती हैं, जिनमें कई लोगों का पैसा मिलाकर निवेश किया जाता है।
AMC को अक्सर मनी मैनेजर या मनी मैनेजमेंट कंपनी भी कहा जाता है। जो कंपनियां म्युचुअल फंड या ETF चलाती हैं, उन्हें म्युचुअल फंड कंपनियां भी कहा जाता है।
इन कंपनियों को आम तौर पर इस आधार पर पहचाना जाता है कि वे कुल कितना पैसा संभाल रही हैं, जिसे एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) कहा जाता है। यानी किसी AMC के पास जितना ज्यादा AUM होता है, वह उतनी बड़ी मानी जाती है।
म्युचुअल फंड हाउस
SBI Mutual Fund
ICICI Prudential Mutual Fund
HDFC Mutual Fund
Nippon India Mutual Fund
Kotak Mahindra Mutual Fund
Aditya Birla Sun Life Mutual Fund
UTI Mutual Fund
Axis Mutual Fund
DSP Mutual Fund
Mirae Asset Mutual Fund
Tata Mutual Fund
Bandhan Mutual Fund
Edelweiss Mutual Fund
PPFAS Mutual Fund
Motilal Oswal Mutual Fund
Invesco Mutual Fund
