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EPFO Job Exit Date Update: नौकरी बदलने के बाद कर्मचारी के PF खाते से जुड़ी जानकारी सही होना बेहद जरूरी है। इसमें नौकरी छोड़ने की तारीख यानी Date of Exit भी शामिल है। आमतौर पर कर्मचारी के नौकरी छोड़ने के बाद नियोक्ता EPFO रिकॉर्ड में यह तारीख अपडेट करता है। लेकिन अगर तारीख दर्ज नहीं हुई है या गलत दर्ज हो गई है, तो PF ट्रांसफर समेत कई प्रक्रियाओं में परेशानी आ सकती है।
खासकर नौकरी बदलने के दौरान पुराने PF खाते को नए नियोक्ता के साथ ट्रांसफर करते समय सही Date of Exit जरूरी होती है। इसके अलावा रोजगार रिकॉर्ड में तारीखों के बीच अंतर या ओवरलैप होने पर नई कंपनी के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के दौरान भी कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।
हालांकि, हर स्थिति में कर्मचारी को पुरानी कंपनी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। पात्र कर्मचारी अपने UAN से जुड़े EPFO सदस्य खाते के जरिए ऑनलाइन Date of Exit अपडेट कर सकते हैं।
ऑनलाइन नौकरी छोड़ने की तारीख अपडेट करने से पहले कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करना होता है। EPFO की प्रक्रिया के अनुसार, नौकरी छोड़ने के कम से कम दो महीने बाद ही कर्मचारी खुद Date of Exit अपडेट कर सकता है।
इसके अलावा, जिस तारीख को आप दर्ज करना चाहते हैं, वह आपके पुराने नियोक्ता की ओर से किए गए आखिरी PF योगदान वाले महीने के भीतर होनी चाहिए।
ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए कुछ अन्य शर्तें भी जरूरी हैं:
अगर पुरानी कंपनी ने पहले ही आपकी Date of Exit दर्ज कर दी है, तो बिना जांचे दोबारा कोई तारीख दर्ज न करें। पहले EPFO पोर्टल की Service History में जाकर अपनी नौकरी से जुड़ी जानकारी देखें।
अगर वहां दर्ज तारीख गलत है, तो अपनी सैलरी स्लिप, रिलीविंग या नौकरी से संबंधित अन्य आधिकारिक दस्तावेजों से सही तारीख की पुष्टि करें। इससे गलत जानकारी दर्ज होने की संभावना कम होगी।
स्टेप 1: अपने UAN और पासवर्ड की मदद से आधिकारिक EPFO Member Portal पर लॉगिन करें।
स्टेप 2: लॉगिन करने के बाद Manage सेक्शन में जाएं और Mark Exit विकल्प चुनें।
स्टेप 3: आगे बढ़ने से पहले Service History में जाकर जांच लें कि आपके पुराने रोजगार की Date of Exit पहले से दर्ज है या नहीं।
स्टेप 4: अपने रोजगार से जुड़ी जानकारी के अनुसार नौकरी छोड़ने का सही कारण और Date of Exit दर्ज करें। तारीख आपके वास्तविक रोजगार रिकॉर्ड और आखिरी PF योगदान की जानकारी से मेल खानी चाहिए।
स्टेप 5: जानकारी भरने के बाद आधार आधारित OTP वेरिफिकेशन पूरा करें।
OTP सत्यापन सफल होने के बाद अनुरोध सबमिट किया जा सकता है। इस प्रक्रिया के लिए आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर आपके पास होना जरूरी है।
अगर EPFO पोर्टल के जरिए Date of Exit में जरूरी सुधार नहीं हो पा रहा है, तो कर्मचारी अपनी पुरानी कंपनी के HR या संबंधित विभाग से संपर्क कर सकता है।
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अगर कंपनी से संपर्क करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होता है, तो कर्मचारी EPFO की शिकायत व्यवस्था के जरिए अपनी समस्या दर्ज करा सकता है।
Date of Exit कर्मचारी के EPFO सेवा रिकॉर्ड का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नौकरी बदलने पर पुराने रोजगार की सही Exit Date PF ट्रांसफर की प्रक्रिया में काम आती है। PF से जुड़ी अन्य प्रक्रियाओं के दौरान भी सही रोजगार रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होता है।
अगर EPFO रिकॉर्ड में नौकरी छोड़ने की तारीख दर्ज नहीं है या गलत तारीख दर्ज है, तो रोजगार इतिहास में अंतर दिखाई दे सकता है। खासकर जब किसी कर्मचारी की पुरानी और नई नौकरी की तारीखों में ओवरलैप दिखाई देता है, तो नई कंपनी के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के दौरान सवाल उठ सकते हैं।
हाल के मामलों में कुछ कर्मचारियों ने नौकरी बदलते समय रोजगार की तारीखों में अंतर या ओवरलैप की वजह से नई कंपनी में जॉइनिंग को लेकर परेशानी की जानकारी दी थी। इसलिए नौकरी बदलने के बाद EPFO रिकॉर्ड को एक बार जरूर जांच लेना चाहिए।
EPFO से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल करें। UAN पासवर्ड, आधार, PAN, बैंक खाते की जानकारी या OTP किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
अगर कोई व्यक्ति खुद को EPFO अधिकारी या प्रतिनिधि बताकर ऐसी जानकारी मांगता है, तो पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें। अपनी PF संबंधी जानकारी की सुरक्षा की जिम्मेदारी कर्मचारी की भी है।