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TDS सर्टिफिकेट की डेडलाइन बढ़ी: अब इस तारीख तक जारी होंगे फॉर्म 16 और 16A, टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत

पोर्टल में तकनीकी खराबी के कारण CBDT ने TDS सर्टिफिकेट जारी करने की तारीख 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी है, जिससे एम्प्लॉयर्स और टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत मिली है

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अमित कुमार   
Last Updated- March 28, 2026 | 2:52 PM IST

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने दिसंबर तिमाही के TDS सर्टिफिकेट जारी करने की आखिरी तारीख बढ़ा दी है। अब एम्प्लॉयर और बैंक 31 मार्च 2026 तक फॉर्म 16 और 16A जारी कर सकते हैं। यह फैसला इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर आई तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए लिया गया है।

डेडलाइन में क्या बदला?

आम तौर पर, TDS रिटर्न दाखिल करने के 15 दिन के अंदर सर्टिफिकेट जारी करना पड़ता है। दिसंबर 2025 तिमाही (Q3 FY26) के लिए रिटर्न की आखिरी तारीख 31 जनवरी 2026 थी। पहले सर्टिफिकेट मध्य फरवरी तक जारी करने थे, लेकिन अब यह समय 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है।

CBDT ने 25 मार्च 2026 को एक सर्कुलर जारी किया, जिसमें सेक्शन 119 के तहत राहत दी गई। इस सर्कुलर के मुताबिक, 31 मार्च तक जारी किया गया कोई भी TDS सर्टिफिकेट समय पर माना जाएगा। इससे जुर्माने से बचाव हो जाएगा।

क्यों जरूरी पड़ी यह राहत?

कई एम्प्लॉयर्स, प्रोफेशनल्स और बैंकों ने शिकायत की कि पोर्टल पर गड़बड़ी के चलते सर्टिफिकेट जनरेट और डाउनलोड करने में दिक्कत आ रही थी। रिटर्न दाखिल हो जाने के बाद भी फॉर्म 16 या 16A निकालना मुश्किल हो रहा था। CBDT ने इसे ‘वास्तविक परेशानी’ माना और राहत दी।

पोर्टल पर रिटर्न वैलिडेट करने, फॉर्म जनरेट करने और डाउनलोड करने की प्रक्रिया प्रभावित हुई। भले ही TDS कटौती और रिटर्न समय पर हो गया हो, सर्टिफिकेट निकालने में देरी हो रही थी।

सैलरीड लोगों और निवेशकों पर क्या असर?

सैलरी पाने वालों के लिए फॉर्म 16 बहुत जरूरी है। इसमें कटौती का पूरा ब्योरा होता है। इसी तरह प्रोफेशनल फीस, ब्याज, किराया या अन्य पेमेंट पर फॉर्म 16A की जरूरत पड़ती है। ये दस्तावेज फॉर्म 26AS और AIS से मैच करने, ITR भरने और रिफंड क्लेम करने में काम आते हैं।

अगर सर्टिफिकेट समय पर न मिले तो कई लोगों को परेशानी होती है, खासकर जिनके पास कई नौकरियां हैं, फ्रीलांसर हैं या अलग-अलग जगहों से ब्याज-डिविडेंड आता है। अब उन्हें सही और पोर्टल से वैलिडेटेड सर्टिफिकेट मिलने का इंतजार करना आसान हो गया है। ITR सीजन (जून-जुलाई) से पहले ये दस्तावेज मिल जाएंगे।

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एम्प्लॉयर्स, बैंकों और डिडक्टरों को मिली राहत

कॉर्पोरेट HR टीमों, छोटे कारोबारियों और फाइनेंशियल संस्थानों को इस एक्सटेंशन से फायदा हुआ है। फाइनेंशियल ईयर खत्म होने के समय में एकदम दबाव कम हो गया।

अब 31 मार्च तक सर्टिफिकेट जारी करने पर कोई लेट फीस या पेनल्टी नहीं लगेगी। उन्हें पोर्टल की समस्या सुलझाने, डेटा चेक करने और अकाउंट्स से मैच करने का extra समय मिल गया है।

हालांकि, बुनियादी नियमों में कोई ढील नहीं दी गई है। TDS रिटर्न सही से दाखिल होना चाहिए, PAN डिटेल्स सटीक होनी चाहिए और सर्टिफिकेट में कटौती का ब्योरा बिल्कुल सही होना चाहिए।

टैक्सपेयर्स को अब क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट के मुताबिक, सर्टिफिकेट की नई डेडलाइन को ध्यान में रखकर जल्दबाजी न करें। फॉर्म 16 या 16A मिलने के बाद ही ITR भरने की तैयारी करें। जब सर्टिफिकेट आए तो 26AS और AIS से अच्छी तरह मिलान कर लें। अगर समय रहते सर्टिफिकेट न मिले तो एम्प्लॉयर या बैंक से फॉलो-अप करें। टैक्सपर्स सभी दस्तावेज सुरक्षित रखें ताकि बाद में कोई मैचिंग की समस्या न आए। यह कदम टैक्सपेयर्स और डिडक्टरों दोनों के लिए सुविधाजनक साबित हो रहा है।

First Published : March 28, 2026 | 2:34 PM IST