शेयर बाजार

भारतीय पोर्टफोलियो में बर्नस्टीन ने किया बदलाव, इटर्नल और पेटीएम पर दांव

शेयर बाजार में हालिया शानदार प्रदर्शन और क्विक कॉमर्स से शहरी वृद्धि पर बढ़ते जोखिमों के कारण उसने एवेन्यू सुपरमार्ट्स को पोर्टफोलियो से हटा दिया

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पुनीत वाधवा   
Last Updated- August 19, 2026 | 10:34 PM IST

जून तिमाही के नतीजों का दौर खत्म होने के साथ ही बर्नस्टीन ने अपने इंडिया पोर्टफोलियो में बदलाव किया है। इस वैश्विक रिसर्च और ब्रोकिंग हाउस ने इटर्नल को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया है। उसका मानना ​​है कि ऐसे सेक्टर में भी यह कंपनी अपनी प्रतिस्पर्धी ताकत दिखा रही है, जहां पूंजी जुटाना मुश्किल होता जा रहा है। एमडीआर से जुड़े संभावित कारणों को देखते हुए पेटीएम को भी शामिल किया गया है। बर्नस्टीन के इंडिया मॉडल पोर्टफोलियो में अदाणी पोर्ट्स को भी जगह मिली है।

शेयर बाजार में हालिया शानदार प्रदर्शन और क्विक कॉमर्स से शहरी वृद्धि पर बढ़ते जोखिमों के कारण उसने एवेन्यू सुपरमार्ट्स को पोर्टफोलियो से हटा दिया। बर्नस्टीन ने कहा कि पोर्टफोलियो में वित्तीय क्षेत्र का हिस्सा कुछ ज्यादा है। ऐसा जान-बूझकर नहीं किया गया बल्कि यह उनके कवरेज दायरे और शेयर कीमत के निचले स्तर को लेकर भरोसे का नतीजा है। 

बर्नस्टीन के प्रबंध निदेशक वेणुगोपाल गैरे की अगुआई में विश्लेषकों ने हाल में एक संयुक्त नोट में लिखा, हम अपने पोर्टफोलियो से डीमार्ट को हटा रहे हैं क्योंकि अभी हमें इसमें कोई स्पष्ट दिशा नहीं दिख रही है। सीपीआई महंगाई अब तक काबू में रही है, लेकिन बुआई कमजोर रही है और थोक महंगाई लगातार 4 महीनों से 8 फीसदी से ऊपर बनी हुई है। इसके अलावा, क्विक-कॉमर्स से भी हमेशा खतरा बरकरार है।

इसके बावजूद, बर्नस्टीन ने अपनी पिछली फोकस लिस्ट के कुछ शेयरों को बनाए रखा है। इनमें  लार्सन ऐंड टुब्रो, एनटीपीसी, ऐक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, नुवामा और होमफर्स्ट शामिल हैं। गैरे ने लिखा, ऑटो सेक्टर में महिंद्रा ऐंड महिंद्रा हमारी पसंद बनी हुई है। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में इसके नतीजे अच्छे रहे हैं और कुल मांग नरम रहने के बावजूद इसके बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में जायडस हमारी पसंद बनी हुई है, जिसकी वजह है इसका नवोन्मेष आधारित पोर्टफोलियो, खासकर अमेरिकी कारोबार में और भारत में इसके अलग तरह के उत्पाद।

कंपनियों की आय

बर्नस्टीन का कहना है कि व्यापक बाजार की कंपनियों के मुनाफे में अभी कोई बढ़ोतरी नहीं दिख रही है क्योंकि आधार प्रभाव कम अनुकूल हो रहा है और आर्थिक माहौल में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। नोट में कहा गया है कि कुल मिलाकर स्थिति बहुत आकर्षक न होने के बावजूद बाजार के अंदरूनी हालात दिलचस्प बने हुए हैं। ऐसे माहौल में जहां रिटर्न कम रहने की उम्मीद है, खास शेयरों में निवेश के मौके ही बेहतर प्रदर्शन का सबसे अच्छा जरिया बने हुए हैं। बर्नस्टीन ने निफ्टी के लिए 26,000 का लक्ष्य तय किया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 8 फीसदी ज्यादा है।

बर्नस्टीन के अनुसार एनएसई 200 की वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही की कमाई में तेजी की रफ्तार धीमी हुई है। मार्च तिमाही में जो वृद्धि 12.5 फीसदी ​​थी, वह घटकर 8 फीसदी रह गई है। लेकिन, मुख्य आंकड़ों के पीछे की तस्वीर काफी मिली-जुली रही।

First Published : August 19, 2026 | 10:34 PM IST