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मार्केट रेगुलेटर Securities and Exchange Board of India ने शेयर बायबैक प्रक्रिया को और मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त प्रस्ताव पेश किए हैं। रेगुलेटर ने यह कदम प्राइमरी मार्केट एडवाइजरी कमेटी (PMAC) के साथ चर्चा और आंतरिक विचार-विमर्श के बाद उठाया है।
सेबी ने अप्रैल में ओपन मार्केट के जरिए स्टॉक एक्सचेंज पर बायबैक को दोबारा शुरू करने का प्रस्ताव रखा था। अब नए सुझावों में कंपनियों को स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से ओपन मार्केट बायबैक करने की अनुमति देने की बात कही गई है। इसके लिए अधिकतम 66 कार्य दिवस की समयसीमा तय करने का प्रस्ताव है।
रेगुलेटर ने यह भी सुझाव दिया है कि बायबैक ऑफर की अवधि के पहले आधे हिस्से में कम से कम 40 फीसदी बायबैक राशि का उपयोग करना जरूरी होगा।
हालांकि, प्राइमरी मार्केट एडवाइजरी कमेटी ने बायबैक पूरा करने की समयसीमा छह महीने रखने और उपयोग स्तर 50 फीसदी तय करने की सिफारिश की थी। इस पर सेबी का कहना है कि फाइनेंस एक्ट 2026 के तहत कंपनियों के लिए दो बायबैक ऑफर के बीच तय अंतराल से जुड़े नियमों में बदलाव हो रहे हैं, इसलिए संतुलित व्यवस्था जरूरी है।
सेबी के मुताबिक, अगर बायबैक प्रक्रिया छह महीने तक लंबी चलेगी तो बदलते बाजार हालात में इसका महत्व कम हो सकता है। साथ ही लंबे समय तक चलने वाली प्रक्रिया शेयरधारकों के लिए भी ट्रैक करना मुश्किल बना सकती है।